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ब्रांडेड कंपनी ने देशी घी को जहरीले कोलतार से किया पीला, ब्रिकी पर रोक

Sat, 29 Dec 2018 11:58 AM IST
अरविन्द ठाकुर संजय भारद्वाज, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
संजय भारद्वाज, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sat, 29 Dec 2018 11:58 AM IST
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Adulteration in desi Ghee sale banned sirmour himachal pradesh

यदि आप बाजार से देसी घी खरीदकर खा रहे हैं तो थोड़ा सावधान रहें। इसकी गुणवत्ता जांच लें। सिरमौर के ददाहू में एक ब्रांडेड कंपनी के देसी घी में स्वास्थ्य के लिए खतरनाक कोलतार रंग पाया गया है। यह केमिकल घी को पीला करने के लिए मिलाया गया।

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सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने महाराष्ट्र की कंपनी के उत्पाद की बिक्री पर रोक लगाकर बाजार से स्टॉक वापस मंगवा लिया है। कंपनी और विक्रेता दोनों के खिलाफ अदालत में केस दायर करने की तैयारी है। इसकी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। कंपनी के देसी घी में वेजिटेबल ऑयल के भी अंश पाए गए हैं। घी गोपाल कृष्ण ब्रांड के नाम से बेचा जा रहा था।
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खाद्य सुरक्षा विभाग ने कुछ माह पहले ददाहू से एक ब्रांडेड कंपनी के देसी घी के सैंपल भरे गए थे। प्रयोगशाला जांच में खुलासा हुआ कि इस घी में कोलतार नामक खतरनाक रंग का मिश्रण है। इस रंग का लगातार सेवन स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस तरह के रंग के इस्तेमाल पर पहले ही प्रतिबंध लगाया है।
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विभाग के जिला अभिहित अधिकारी अतुल कायस्था ने बताया कि देसी घी में अत्यधिक मात्रा में कोलतार कलर मिला है। यह रंग बेहद खतरनाक है। इसका लगातार सेवन कैंसर के अलावा किडनी से संबंधित बीमारियों का कारण हो सकता है। इसके अतिरिक्त मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी कम कर सकता है। सैंपल फेल होने के पश्चात महाराष्ट्र की कंपनी के इस देसी घी को असुरक्षित घोषित कर दिया है। इसकी बिक्री पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।

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होलसेलर को स्टॉक रोकने और बेचे स्टॉक को वापस लेने के निर्देश दिए हैं। संबंधित कंपनी को भी पत्राचार कर इसे कहीं भी बिक्री न करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि विभाग दस्तावेज तैयार कर रहा है। जल्द अदालत में कंपनी, विक्रेता और होलसेलर के खिलाफ मामला चलाया जाएगा।


कुकिंग ऑयल में भी मिला था कोलतार
कुछ समय पहले कुकिंग मीडियम ऑयल के सैंपल भी फेल हुए थे। इसमें भी कोलतार नामक खतरनाक रंग पाया गया था। इसके अलावा इस साल डेयरी के घी, रिफाइंड, मलका दाल का भी सैंपल फेल हुआ है।

अतुल कायस्था ने बताया कि अतिरिक्त उपायुक्त की अदालत में इन्हें क्रमश: 20, 60 और 20 हजार रुपये का जुर्माना हुआ है। असुरक्षित घोषित देसी घी और कुकिंग मीडियम ऑयल की निर्माता कंपनी, विक्रेताओं पर अदालत में केस चलेगा।

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