अच्छी खबर! स्कूली बच्चों पर घटेगा होमवर्क का बोझ
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों पर होमवर्क का बोझ घटेगा। क्लास वर्क पर अधिक जोर दिया जाएगा और इसकी कॉपियां नियमित जांची जाएंगी। हर चैप्टर पढ़ाने के बाद टेस्ट होगा। कई शिक्षकों की ओर से बच्चों की समझ में आए बिना सिलेबस निपटाने की प्रथा भी खत्म की जाएगी।
गुणात्मक शिक्षा देने के लिए स्कूल स्तर पर विजय डाक्यूमेंट बनेगा। बच्चों को क्या, कैसे पढ़ाया जाए, स्कूल भवन में क्या सुधार किया जाए जैसे बिंदुओं पर प्रिंसिपल, हेडमास्टर और अभिभावकों को एकजुट किया जाएगा। शिमला में ब्लॉक रिसोर्र्स सेंटर कोऑर्डिनेटर (बीआरसीसी) को जागरूक करने के लिए हुई बैठक में यह जानकारी दी गई।
पहली और दूसरी कक्षा के लिए अब..
इसकी अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान ने की। उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के अलावा अन्य गतिविधियों में भी शामिल किया जाए। पहली और दूसरी के बच्चे को पाठ्यक्रम से बाहर की दो कविताएं भी आनी चाहिए। तीसरी और चौथी के बच्चों को कविताओं के अलावा कहानियां सुनाना आना चाहिए।
पांचवीं से आठवीं तक बच्चों को अपने देश के अलावा पड़ोसी देशों की जानकारी होनी चाहिए। बच्चे पढ़ने के अलावा नाचना-गाना भी जानते हों। कस्तूबरा गांधी गर्ल्स स्कूल का हर माह निरीक्षण होना चाहिए। गर्ल्स हॉस्टल के आसपास रहने वाली महिलाओं की एक कमेटी बनानी चाहिए।
12वीं पास बच्चों के लिए प्रिंसिपल करेंगे ये काम
यू डाइस प्रोजेक्ट में गलत आंकड़ों की सूचना देने वालों को चेताया गया। कहा कि छोटे-छोटे गलत आंकड़ों से राष्ट्रीय स्तर पर गलत तस्वीर बन जाती है। बैठक में उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक डा. राजकृष्ण परूथी और राज्य परियोजना निदेशक घनश्याम चंद अन्य अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में कहा गया कि 12वीं पास बच्चों का मार्गदर्शन करने के लिए प्रिंसिपलों को आगे आना होगा। क्या विषय पढ़ना चाहिए, कहां एडमीशन लेनी है जैसे मामलों पर विशेषज्ञों की राय लेनी चाहिए।
बीआरसीसी को सौंपा गया ये काम
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान में प्रदेश के सभी स्कूलों की 9वीं कक्षा का अक्तूबर में बेसलाइन सर्वे राज्य स्तर पर हो रहा है। नवंबर 2015 में इसी कक्षा का एंडलाइन सर्वे होगा। इसमें राष्ट्रीय स्तर पर बच्चों के सीखने के स्तर को आंका जाएगा। देश भर में सभी प्रदेशों की इसी के आधार पर रैंकिंग तय की जाएगी।
सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तत्वाधान में नवनियुक्त बीआरसीसी के लिए हुए जागरूकता कार्यक्रम में राज्य परियोजना निदेशक घनश्याम चंद ने राज्य के ऐसे स्कूल जिनका शिक्षा का स्तर निम्न है, की बीआरसीसी को सूची बनाने और समय-समय पर उनका निदान करने के प्रयास करने के आदेश दिए।
शिमला में हुई बैठक में जागरूक किए बीआरसीसी अपने ब्लॉक स्तर पर अन्य शिक्षकों को विभाग और सरकार की योजनाओं से अवगत करवाएंगे। मॉडर्न लेसन तैयार कर स्कूलों में लेक्चर देंगे। स्कूलों की गतिविधियों पर रिपोर्ट तैयार करेंगे। ब्लॉक स्तर पर हो रहे कार्यों की समीक्षा को कलस्टर स्तर पर बैठक होगी।