कैसे बनेगा आदर्श गांवः योजनाएं 99 बना लीं, पैसे का नाम नहीं
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आदर्श गांव बनने जा रहे ओल्ड मनाली के लिए एक साल से सिर्फ एस्टीमेट ही बन रहा है। गांव के लिए 99 योजनाएं मंजूर हैं लेकिन इसके लिए धन कब और कहां से आएगा, यह कोई नहीं जानता। आलम यह है कि गोद लिए गए इस गांव के विकास के लिए अभी तक सांसद निधि से भी कोई पैसा खर्च नहीं हो पाया है। इससे गांव को आदर्श बनाने पर भी सवाल उठ रहे हैं।
सांसद राम स्वरूप द्वारा गोद लिए गए मनाली गांव के लिए 99 योजनाएं खुद सांसद ने मनाली ग्राम पंचायत की ग्रामसभा से पारित करवाईं। इस दौरान उपायुक्त कुल्लू भी उपस्थित थे। बीते 28 मई को जिला प्रशासन और सभी विभागों के साथ बैठक कर पास की गई योजनाओं के लिए अभी तक एस्टीमेट बनाने का कार्य ही चल रहा है। योजना के तहत 23 कार्य राजस्व विभाग के पास दिए गए हैं।
गांव में होने है ये विकास कार्य
पीने के पानी और सिंचाई कूहलों सहित सात कार्यों का एस्टीमेट आईपीएच की ओर से तैयार किया गया है। पांच कार्यों का एस्टीमेट बागवानी विभाग ने तैयार किया है। हालांकि ग्राम पंचायत प्रधान हुक्म राम कहते हैं कि आदर्श गांव के तहत गांव में कुछ काम हुए हैं। विभिन्न विभागों की ओर से शिविरों का आयोजन कर गांव वासियों को जागरूक भी किया गया है। हालांकि उन्होंने माना कि सांसद निधि से कोई राशि नहीं दी गई है।
ये काम चाहते हैं ग्रामीण
सीवरेज समस्या को दूर किया जाए
सड़कों को चौड़ा किया जाए, पार्किंग बने
निकासी के लिए नालियां बनाई जाएं
फुटपाथ और स्ट्रीट लाइट का हो इंतजाम
कुछ बजट केंद्र से, कुछ सांसद निधि से देंगे
सांसद रामस्वरूप शर्मा का कहना है कि ओल्ड मनाली गांव के लिए 99 योजनाएं ग्रामसभा से पास करवाने के पश्चात जिला प्रशासन द्वारा पास कर दी गई हैं। एस्टीमेट तैयार कर लिए गए हैं। आदर्श गांव योजना के लिए कुछ बजट केंद्र सरकार से दिया जाएगा और कुछ प्रदेश और कुछ सांसद निधि से।