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Alternaria Disease: अल्टरनेरिया रोग से बचाव के लिए अदाणी ने भेजे वैज्ञानिक, बागवानों को सुझाएंगे बचाव के तरीके

Wed, 17 Jul 2024 03:51 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Wed, 17 Jul 2024 03:51 PM IST
सार

हिमाचल में अदाणी एग्रो फ्रेश लिमिटेड ने भी अपने वैज्ञानिक फील्ड में उतार दिए हैं। अदाणी एग्रो फ्रेश हर साल हिमाचल में करोड़ों के सेब खरीदती है। 
 

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Adani has sent scientists to prevent Alternaria disease they will suggest preventive measures to gardeners
शिमला के कोटखाई में सेब के बगीचों का निरीक्षण करते वैज्ञानिक। (फाइल फोटो). - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में अल्टरनेरिया रोग के कारण सेब की फसल पर गहराए संकट के बीच अदाणी एग्रो फ्रेश लिमिटेड ने भी अपने वैज्ञानिक फील्ड में उतार दिए हैं। कंपनी के वैज्ञानिक रोग के कारणों की जांच कर बागवानों को बचाव के तरीके सुझाएंगें। अदाणी एग्रो फ्रेश हर साल हिमाचल में करोड़ों के सेब खरीदती है। अल्टरनेरिया रोग से इस सीजन में सेब की फसल को भारी नुकसान का अनुमान जताया जा रहा है। संकट के समय में बागवानों का साथ देने के लिए कंपनी ने सोमवार को ही टीमें गठित कर अपने विशेषज्ञों को बागवानों से संपर्क करने के लिए सेब बाहुल्य क्षेत्रों में भेजा है।

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कंपनी इसी हफ्ते से बागवानी विशेषज्ञों, मौसम विशेषज्ञों और सेब उत्पादक समूहों के साथ बैठकें और बगीचों में रोग का व्यापक क्षेत्र मूल्यांकन करेंगी। बीमारी का प्रभाव कम करने के लिए बागवानों को दवाओं का सुझाव दिया जाएगा। अदाणी एग्रो फ्रेश के पास वैज्ञानिकों का एक पैनल है जो फसल की उच्च गुणवत्ता के लिए सेब उत्पादक क्षेत्रों में प्रशिक्षण आयोजित करता है साथ ही मिट्टी की जांच की सुविधा भी बागवानों को उपलब्ध करवाता है। अदाणी अपनी लैब में वैज्ञानिकों से सेब की टेस्टिंग करवाता है।
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डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी, कृषि विज्ञान केंद्र शिमला की टीमों ने भी सेब उत्पादक क्षेत्रों रोहडू, कोटखाई, जुब्बल, चौपाल और ठियोग में बगीचों का निरीक्षण करने के बाद बीमारी के व्यापक प्रसार की आशंका जताई है। सेब के 95 फीसदी तक पौधों के अल्टरनेरिया रोग की चपेट में आने की संभावना व्यक्त की है। पत्तों में रोग लगने से सेब में भूरे और काले दाग पड़ रहे हैं और फल समय से पहले झड़ना शुरू हो गए हैं।
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अदाणी एग्रो फ्रेश लिमिटेड के प्रवक्ता ने बताया कि अल्टरनेरिया रोग से हिमाचल में सेब की फसल पर व्यापक असर पड़ा है। कंपनी सालों से हिमाचल में सेब खरीद रही है, हमारा दायित्व है कि संकट में हम बागवानों के साथ खड़े रहें। विशेषज्ञों की टीमें गठित कर फील्ड में भेज दी हैं। बागवानों का हर संभव सहयोग किया जाएगा।

बगीचों में माइट और मार्सोनिना रोग के भी लक्षण
प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में सेब के बगीचों में माइट का प्रकोप भी देखने को मिल रहा है। माइट छोटे कीट होते हैं जो पौधों की पत्तियों और फलों से रस चूसते हैं। जिससे पत्तों पर धब्बे पड़ते हैं, पत्ते पीले पड़कर झड़ जाते हैं। बगीचों में मार्सोनिना रोग के लक्षण भी दिख रहे हैं। इस रोग से समय पूर्व पतझड़ होने का खतरा रहता है और फसल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

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