'सात रुपये पॉकेट मनी से चलता था गुजारा'
जानी-मानी बॉलीवुड अदाकारा पूजा बेदी को स्कूल समय में सात रुपये पॉकेट मनी से गुजारा करना पड़ता था। अमर उजाला से पुराने यादें साझा करते हुए ओल्ड सनारियन पूजा बेदी ने कहा कि स्कूली समय की वह तरह-तरह की शरारतें आज भी यहां आने पर ताजा हो जाती हैं। सनावर स्कूल के 167वें स्थापना दिवस पर पहुंचीं 1989 बैच की अभिनेत्री पूजा बेदी ने कहा कि आज और उस समय में काफी बदलाव आ चुका है।
हमारे समय में स्कूल में सात रुपये पॉकेट मनी मिलती थी। उसमें ही गुजारा चलाना होता था। हां शरारती होने के बावजूद मुझे अपने अध्यापकों से स्नेह मिलता था, क्योंकि मैं पढ़ाई में अव्वल रहती थी। उनका कहना है कि हम सनारियन और सनावर हमारा जुनून है। नेवर गिव इन मोटो को लेकर हम सारी जिंदगी जीएंगे।
फिल्मों के ऑफर, पर अच्छे किरदार नहीं
उन्होंने बॉलीवुड में अपने दम पर ही एंट्री की और सफलता भी पाई। उनका कहना है कि कई फिल्मों के ऑफर आते रहते हैं, लेकिन किरदार अच्छा नहीं होने के कारण वह नहीं करतीं। अच्छा किरदार मिलता है तो वह जरूर फिल्में करती हैं।
इन फिल्मों में किया प्रदर्शन
वर्ष 1991 में विष कन्या फिल्म से डेब्यू करने वाली पूजा बेदी ने जो जीता वही सिकंदर, फिर तेरी कहानी याद आई, आतंक ही आतंक, तेलगू फिल्मों छितमा मोगुडू और शक्ति आदि में अपने अभिनय का प्रदर्शन किया है। इसके अलावा टीवी की दुनिया में झलक दिख ला जा, बिग बॉस-आखिरी सलाम को हॉस्ट किया।