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वीडियोग्राफी करेगी पुलिस, लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
Wed, 15 Apr 2020 04:52 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 15 Apr 2020 04:52 PM IST
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डीजीपी सीताराम मरडी
- फोटो : सोशल मीडिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद हिमाचल में लॉकडाउन पार्ट टू के दौरान आदेशों व निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती की तैयारी कर ली है। डीजीपी सीताराम मरडी ने बुधवार को वीडियो बयान जारी कर पुलिस कर्मियों को आदेश दिए कि निर्देशों का उल्लंघन करने वालों की फोटो या वीडियोग्राफी की जाए और उसके आधार पर कार्रवाई की जाए। कहा कि प्रदेश में अभी भी लोग सरकार के आदेशों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। डीजीपी ने बताया कि ऊना की एक मस्जिद के मौलवी के बेटे ने पुलिस को उसके संपर्क में आने वालों की सही जानकारी नहीं दी थी।
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पुलिस ने कॉल डिटेल निकालकर संपर्क में आए चार लोगों को पूछताछ व जीपीएस कोआर्डिनेट की मदद से चिह्नित कर लिया और स्वास्थ्य विभाग ने उनके सैंपल लिए। इन्हीं में से तीन सैंपल निगेटिव, जबकि एक व्यक्ति में कोरोना की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने मौलवी के बेटे के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा में मामला दर्ज किया था। कहा कि लोग होम या संस्थागत क्वारंटीन को जंप न करें। लोगों से अपील की है कि वे गांवों के बाहर पहरा देने के दौरान किसी भी सूचना पर स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी दें। पुलिस कांस्टेबल भी पुलिस अधिकारी है। कानून का पालन कराना उसका काम है। खुद कार्रवाई कर झगड़े की संभावना न बढ़ने दें।
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ईएमआई पोस्टपोन कराने में हो रही ठगी
डीजीपी ने कहा कि बैंक की विभिन्न तरह के लोन की किस्तें पोस्टपोन कराने के नाम पर ठगी की शिकायतें आ रही हैं। लोगों से अपील की कि वे बैंक के अधिकृत व्यक्ति से संपर्क कर निर्धारित प्रोफार्मा में जानकारी देकर किस्त आगे बढ़वा सकते हैं। अंजान कॉल आने पर ओटीपी व बैंक अकाउंट की जानकारी साझा न करें। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और सर एम विश्वेश्वरैया के जीवन का उदाहरण दिया - दोनों जीवन के अंतिम समय तक समाज को कुछ सकारात्मक देने के लिए ही प्रयासरत रहे।
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