एचआरटीसी मुख्यालय की कार्रवाई: रात्रि सेवा में खटारा बस भेजने पर आरएम से किया जवाब तलब
एचआरटीसी मुख्यालय ने पालमपुर डिपो के आरएम (क्षेत्रीय प्रबंधक) से मामले की रिपोर्ट तलब की है। रात्रि रूट पर खराब शीशों वाली खटारा बस भेजने के मामले में लापरवाह अधिकारियों को सोमवार को नोटिस जारी होंगे।
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शिमला-पालमपुर रूट पर शिमला से रात 9 बजे रात्रि सेवा में खटारा बस भेजने को लेकर अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद एचआरटीसी प्रबंधन हरकत में आया है। एचआरटीसी मुख्यालय ने पालमपुर डिपो के आरएम (क्षेत्रीय प्रबंधक) से मामले की रिपोर्ट तलब की है। रात्रि रूट पर खराब शीशों वाली खटारा बस भेजने के मामले में लापरवाह अधिकारियों को सोमवार को नोटिस जारी होंगे। एचआरटीसी के महाप्रबंधक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पालमपुर डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक उत्तम सिंह से इस मामले की रिपोर्ट मांगी है। आरएम से पूछा गया है कि सर्दी के मौसम में पुरानी बस रूट पर क्यों भेजी गई। ऐसी बस जिसके शीशे ही ठीक नहीं हैं, उसे नाइट रूट पर भेजने की लापरवाही में कौन-कौन से अधिकारी जिम्मेदार हैं।
डिपो में कितनी बसों के शीशे लूज हैं। शीशे समय रहते ठीक क्यों नहीं करवाए गए। बस का शीशा टूटने पर नजदीकी वर्कशॉप में मरम्मत क्यों नहीं करवाई गई। रूटीन के आधार पर कौन सी बस किस रूट पर जाएगी, यह संबंधित डिपो के ट्रैफिक मैनेजर, वर्कशॉप इंचार्ज और अड्डा प्रभारी तय करते हैं। सर्दी के मौसम में खटारा बस नाइट रूट पर भेजने के मामले में कोताही बरतने पर संबंधित अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। एचआरटीसी पालमपुर डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक उत्तम सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पुरानी बस नाइट रूट पर भेजने के जिम्मेवार अधिकारियों को शो कॉज नोटिस जारी किए जाएंगे।
पालमपुर के आरएम से मांगी है रिपोर्ट : सिंघल
पालमपुर डिपो के आरएम से मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। खराब शीशों वाली बस रूट पर भेजने की लापरवाही करने वाले अधिकारियों को सोमवार को नोटिस जारी होंगे। प्रबंध निदेशक के सख्त आदेशों के बावजूद लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- पंकज सिंघल, महाप्रबंधक, एचआरटीसी
प्रबंध निदेशक ने शीशे जांचने के निर्देश
एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार ने एक महीने पहले ही सभी डिपो को बसों के शीशों की जांच कर इन्हें दुरुस्त करवाने के निर्देश जारी किए थे। हर डिपो में बसों के शीशों की स्थिति पर नजर रखने के लिए एक अधिकारी की जिम्मेदारी तय करने को कहा गया था। बावजूद इसके पालमपुर डिपो की ओर से शिमला पालमपुर सहित अन्य नाइट रूटों पर खटारा बसें संचालित की जाती रही।