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Shimla News: फिरौती के लिए रची मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार के बेटे के अपहरण की साजिश
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पुलिस ने मामले में एक और आरोपी को किया गिरफ्तार, आरोपी के कब्जे से अवैध हथियार और दस कारतूस बरामद
क्रॉसर
आर्यन के अपहरण की कोशिश से पहले की गई थी रैकी
एक आरोपी ठेकेदार, एक पुलिस विभाग का है पूर्व कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान के बेटे की फिरौती के लिए अपहरण करने की साजिश रची थी। पुलिस ने दावा है कि इससे पहले आरोपियों ने बाकायदा क्षेत्र की रैकी भी की थी। पुलिस ने मामले में तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। इसकी पहचान मनीश वर्मा उर्फ मनू निवासी गांव जघेड़ी, ठियोग के रूप में हुई है।
वह वर्तमान में भट्ठाकुफर में रहता है और प्राॅपर्टी डीलर तथा ठेकेदारी का काम करता है। पुलिस का दावा है कि आरोपी मनीश वर्मा उर्फ मनू ही पूरे अपराध का मास्टर माइंड है। इसने पीड़ित आर्यन चौहान की दैनिक गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। इसमें उसकी दिनचर्या, आने-जाने के समय और स्थानों की पूरी जानकारी जुटाकर योजनाबद्ध तरीके से अपहरण की साजिश रची गई। आरोपी ने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम देने की योजना बनाई थी। पुलिस ने इससे पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मंगलवार को छापेमारी करके मनीश को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दबिश के दौरान आरोपी के कब्जे से एक अवैध हथियार और 10 कारतूस भी बरामद किए हैं। हालांकि अभी पुलिस अपहरण की कोशिश के पीछे छिपे मकसद को उजागर नहीं कर रही है। इसको लेकर आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक मनू के खिलाफ इससे पहले भी नशा तस्करी, मारपीट और चोरी समेत पांच केस दर्ज हैं। यह मामले वर्ष 2006 से लेकर वर्ष 2021 के बीच में दर्ज हुए हैं। हालांकि इन मामलों का वर्तमान में क्या स्टेट्स है, इसको लेकर स्थिति साफ नहीं है। वहीं मामले में गिरफ्तार मुस्समी टाशी नेगी निवासी गांव एवं डाकघर नारकंडा तहसील कुमारसैन, जिला शिमला के खिलाफ भी वर्ष 2010 में एक आपराधिक मामला दर्ज हुआ है। मुस्समी टाशी नेगी पुलिस विभाग में भी सेवाएं दे चुका हैं लेकिन कुछ साल पहले उसने वीआरएस ले ली थी। इसके अलावा मामले में शामिल तीसरा आरोपी चरणजीत सिंह है।
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मामला 20 मार्च का है आर्यन चौहान तारापुर से आ रहा था। इस दौरान होटल से कुछ दूरी पर ही गाड़़ी में सवार तीनों आरोपियों ने उस पर हमला करने की कोशिश की। इस दौरान आर्यन ने छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। आर्यन चौहान युवा कांग्रेस के महासचिव भी हैं। पुलिस ने मामले की सूचना मिलते ही छानबीन शुरू कर दी है। आरोप है कि इसी दौरान गाड़ी से एक व्यक्ति उतरा जिसके हाथ में पिस्टल थी। इस दौरान दूसरा व्यक्ति लोहे की रॉड लेकर बाहर आया और दूसरे से कहा कि गोली मार। ऐसा सुनकर आर्यन ने फौरन गाड़ी से बाहर निकलकर नीचे की ओर छलांग मार दी। इस वजह से उनकी टांग में भी चोटें आई हैं। हालांकि संदिग्ध युवकों ने उनका पीछा नहीं किया और वहां से गाड़ी लेकर भाग गए। उन्होंने मामले की सूचना अपने परिवार के सदस्यों को दी। इसके बाद ढली पुलिस को इस संबंध में सूचित किया गया। पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन शुरू की। इस दौरान गाड़ी को मशोबरा से बरामद कर लिया गया। आरोपियों ने गाड़ी की पहचान छिपाने के लिए चैसी नंबर समेत अन्य महत्वपूर्ण सुराग भी मिटा दिए थे।
कोट
आर्यन चौहान की फिरौती के लिए अपहरण की साजिश रची थी। इसके लिए आरोपियों ने रैकी भी की थी। पुलिस ने इस पूरे मामले के साजिशकर्ता को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
-गौरव सिंह, एसएसपी शिमला
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क्रॉसर
आर्यन के अपहरण की कोशिश से पहले की गई थी रैकी
एक आरोपी ठेकेदार, एक पुलिस विभाग का है पूर्व कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान के बेटे की फिरौती के लिए अपहरण करने की साजिश रची थी। पुलिस ने दावा है कि इससे पहले आरोपियों ने बाकायदा क्षेत्र की रैकी भी की थी। पुलिस ने मामले में तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। इसकी पहचान मनीश वर्मा उर्फ मनू निवासी गांव जघेड़ी, ठियोग के रूप में हुई है।
वह वर्तमान में भट्ठाकुफर में रहता है और प्राॅपर्टी डीलर तथा ठेकेदारी का काम करता है। पुलिस का दावा है कि आरोपी मनीश वर्मा उर्फ मनू ही पूरे अपराध का मास्टर माइंड है। इसने पीड़ित आर्यन चौहान की दैनिक गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। इसमें उसकी दिनचर्या, आने-जाने के समय और स्थानों की पूरी जानकारी जुटाकर योजनाबद्ध तरीके से अपहरण की साजिश रची गई। आरोपी ने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम देने की योजना बनाई थी। पुलिस ने इससे पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मंगलवार को छापेमारी करके मनीश को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दबिश के दौरान आरोपी के कब्जे से एक अवैध हथियार और 10 कारतूस भी बरामद किए हैं। हालांकि अभी पुलिस अपहरण की कोशिश के पीछे छिपे मकसद को उजागर नहीं कर रही है। इसको लेकर आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है।
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पुलिस के मुताबिक मनू के खिलाफ इससे पहले भी नशा तस्करी, मारपीट और चोरी समेत पांच केस दर्ज हैं। यह मामले वर्ष 2006 से लेकर वर्ष 2021 के बीच में दर्ज हुए हैं। हालांकि इन मामलों का वर्तमान में क्या स्टेट्स है, इसको लेकर स्थिति साफ नहीं है। वहीं मामले में गिरफ्तार मुस्समी टाशी नेगी निवासी गांव एवं डाकघर नारकंडा तहसील कुमारसैन, जिला शिमला के खिलाफ भी वर्ष 2010 में एक आपराधिक मामला दर्ज हुआ है। मुस्समी टाशी नेगी पुलिस विभाग में भी सेवाएं दे चुका हैं लेकिन कुछ साल पहले उसने वीआरएस ले ली थी। इसके अलावा मामले में शामिल तीसरा आरोपी चरणजीत सिंह है।
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मामला 20 मार्च का है आर्यन चौहान तारापुर से आ रहा था। इस दौरान होटल से कुछ दूरी पर ही गाड़़ी में सवार तीनों आरोपियों ने उस पर हमला करने की कोशिश की। इस दौरान आर्यन ने छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। आर्यन चौहान युवा कांग्रेस के महासचिव भी हैं। पुलिस ने मामले की सूचना मिलते ही छानबीन शुरू कर दी है। आरोप है कि इसी दौरान गाड़ी से एक व्यक्ति उतरा जिसके हाथ में पिस्टल थी। इस दौरान दूसरा व्यक्ति लोहे की रॉड लेकर बाहर आया और दूसरे से कहा कि गोली मार। ऐसा सुनकर आर्यन ने फौरन गाड़ी से बाहर निकलकर नीचे की ओर छलांग मार दी। इस वजह से उनकी टांग में भी चोटें आई हैं। हालांकि संदिग्ध युवकों ने उनका पीछा नहीं किया और वहां से गाड़ी लेकर भाग गए। उन्होंने मामले की सूचना अपने परिवार के सदस्यों को दी। इसके बाद ढली पुलिस को इस संबंध में सूचित किया गया। पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन शुरू की। इस दौरान गाड़ी को मशोबरा से बरामद कर लिया गया। आरोपियों ने गाड़ी की पहचान छिपाने के लिए चैसी नंबर समेत अन्य महत्वपूर्ण सुराग भी मिटा दिए थे।
कोट
आर्यन चौहान की फिरौती के लिए अपहरण की साजिश रची थी। इसके लिए आरोपियों ने रैकी भी की थी। पुलिस ने इस पूरे मामले के साजिशकर्ता को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
-गौरव सिंह, एसएसपी शिमला