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Shimla News: टैक्स चोरी का नया खेल, कागजों में दिखाए प्लॉट, मौके पर निकले होटल
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अमर उजाला एक्सक्लूसिव :
कच्चीघाटी और भट्ठाकुफर में चल रहे चार से छह मंजिला होटल, खाली प्लॉट बताकर निगम को लगा रहे हैं चूना
नगर निगम की जांच में चौंकाने वाला खुलासा
अब ब्याज सहित वसूला जाएगा पूरा संपत्ति कर
अशोक चौहान
शिमला। राजधानी में प्रॉपर्टी टैक्स चोरी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कागजों में जिन जगहों को खाली जमीन दिखाकर वर्षों से प्रॉपर्टी टैक्स की चोरी की जा रही थी वहां चार से छह मंजिला आलीशान होटल संचालित हो रहे हैं। जांच के लिए मौके पर पहुंची नगर निगम की टीम भी खाली जमीन की जगह बहुमंजिला होटल देखकर दंग रह गई।
अब नगर निगम इन होटल मालिकों को नोटिस जारी करने की तैयारी में है। यह मामले राजधानी के कच्चीघाटी और भट्ठाकुफर क्षेत्र में सामने आए हैं। जांच में पकड़े जाने के बाद कई होटल मालिक नगर निगम से स्व-मूल्यांकन का आवेदन फॉर्म भी ले गए हैं। फॉर्म भरने के बाद निगम की ओर से इन्हें संशोधित टैक्स बिल जारी किए जाएंगे। शिमला शहर में करीब 35 हजार भवन मालिक हैं, जिनसे नगर निगम हर साल प्रॉपर्टी टैक्स वसूलता है। इनमें 500 से अधिक भूमि मालिक भी शामिल हैं, जिनसे खाली जमीन का टैक्स लिया जाता है। नगर निगम के अनुसार खाली जमीन पर लगने वाला टैक्स भवन के मुकाबले काफी कम होता है।
कच्चीघाटी के तीन और भट्ठाकुफर क्षेत्र के दो भूमि मालिक नगर निगम को खाली प्लॉट का मामूली टैक्स दे रहे थे। निगम की टीम ने जब मौके पर पहुंचकर जांच की तो पता चला कि इन भूमि मालिकों ने वर्ष 2021-22 में ही मौके पर बहुमंजिला होटल खड़े कर दिए थे। इन होटलों से लाखों रुपये की कमाई की जा रही थी, लेकिन नगर निगम से होटल निर्माण की जानकारी छिपाकर टैक्स की चोरी भी की जा रही थी। नगर निगम अब इन होटल मालिकों से पिछले चार वर्षों का टैक्स ब्याज सहित वसूल करेगा। टैक्स शाखा के अनुसार, इन होटलों के आकार के आधार पर एक से तीन लाख रुपये तक टैक्स की वसूली की जाएगी।
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भवन का आकार बढ़ाने वाले भी नपेंगे
शहर में नगर निगम को सैकड़ों ऐसे भवन मालिक भी मिले हैं, जिन्होंने अपने भवन का आकार एक से तीन मंजिल तक बढ़ा लिया है। इन लोगों ने नगर निगम को इसकी जानकारी नहीं दी और पहले की तरह ही प्रॉपर्टी टैक्स जमा कर रहे हैं। अब सर्वे रिपोर्ट के आधार पर नगर निगम इन्हें बढ़े हुए क्षेत्रफल के हिसाब से संशोधित टैक्स बिल जारी कर रहा है। नगर निगम के अनुसार, अगले एक महीने के भीतर शहर के सभी भवन और भूमि मालिकों को टैक्स के बिल जारी कर दिए जाएंगे। लोग नागरिक सेवा पोर्टल के माध्यम से इन बिलों का भुगतान कर सकते हैं। वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए उपायुक्त कार्यालय परिसर स्थित सुविधा केंद्र में नकद काउंटर भी स्थापित किया है। नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा ने कहा कि टैक्स चोरी करने वाले भवन मालिकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। जो लोग गलत जानकारी देकर टैक्स की चोरी कर रहे हैं, उनसे पिछले कई वर्षों का टैक्स भी वसूला जाएगा।
50 हजार रुपये तक लगेगा जुर्माना
शहर में सभी भवन मालिकों के लिए प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करना अनिवार्य है। इससे प्राप्त राशि शहर के विकास कार्यों पर खर्च की जाती है। गलत जानकारी देकर टैक्स की चोरी करने वालों पर नगर निगम अधिनियम के तहत पकड़े जाने पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा निगम ऐसे लोगों से पिछले कई वर्षों का बकाया टैक्स ब्याज सहित वसूल सकता है। टैक्स का भुगतान नहीं करने पर एनओसी भी नहीं मिलती। निगम से मिलने वाली इसी एनओसी के आधार पर प्रॉपर्टी की बिक्री की जा सकती है।
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कच्चीघाटी और भट्ठाकुफर में चल रहे चार से छह मंजिला होटल, खाली प्लॉट बताकर निगम को लगा रहे हैं चूना
नगर निगम की जांच में चौंकाने वाला खुलासा
अब ब्याज सहित वसूला जाएगा पूरा संपत्ति कर
अशोक चौहान
शिमला। राजधानी में प्रॉपर्टी टैक्स चोरी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कागजों में जिन जगहों को खाली जमीन दिखाकर वर्षों से प्रॉपर्टी टैक्स की चोरी की जा रही थी वहां चार से छह मंजिला आलीशान होटल संचालित हो रहे हैं। जांच के लिए मौके पर पहुंची नगर निगम की टीम भी खाली जमीन की जगह बहुमंजिला होटल देखकर दंग रह गई।
अब नगर निगम इन होटल मालिकों को नोटिस जारी करने की तैयारी में है। यह मामले राजधानी के कच्चीघाटी और भट्ठाकुफर क्षेत्र में सामने आए हैं। जांच में पकड़े जाने के बाद कई होटल मालिक नगर निगम से स्व-मूल्यांकन का आवेदन फॉर्म भी ले गए हैं। फॉर्म भरने के बाद निगम की ओर से इन्हें संशोधित टैक्स बिल जारी किए जाएंगे। शिमला शहर में करीब 35 हजार भवन मालिक हैं, जिनसे नगर निगम हर साल प्रॉपर्टी टैक्स वसूलता है। इनमें 500 से अधिक भूमि मालिक भी शामिल हैं, जिनसे खाली जमीन का टैक्स लिया जाता है। नगर निगम के अनुसार खाली जमीन पर लगने वाला टैक्स भवन के मुकाबले काफी कम होता है।
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कच्चीघाटी के तीन और भट्ठाकुफर क्षेत्र के दो भूमि मालिक नगर निगम को खाली प्लॉट का मामूली टैक्स दे रहे थे। निगम की टीम ने जब मौके पर पहुंचकर जांच की तो पता चला कि इन भूमि मालिकों ने वर्ष 2021-22 में ही मौके पर बहुमंजिला होटल खड़े कर दिए थे। इन होटलों से लाखों रुपये की कमाई की जा रही थी, लेकिन नगर निगम से होटल निर्माण की जानकारी छिपाकर टैक्स की चोरी भी की जा रही थी। नगर निगम अब इन होटल मालिकों से पिछले चार वर्षों का टैक्स ब्याज सहित वसूल करेगा। टैक्स शाखा के अनुसार, इन होटलों के आकार के आधार पर एक से तीन लाख रुपये तक टैक्स की वसूली की जाएगी।
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भवन का आकार बढ़ाने वाले भी नपेंगे
शहर में नगर निगम को सैकड़ों ऐसे भवन मालिक भी मिले हैं, जिन्होंने अपने भवन का आकार एक से तीन मंजिल तक बढ़ा लिया है। इन लोगों ने नगर निगम को इसकी जानकारी नहीं दी और पहले की तरह ही प्रॉपर्टी टैक्स जमा कर रहे हैं। अब सर्वे रिपोर्ट के आधार पर नगर निगम इन्हें बढ़े हुए क्षेत्रफल के हिसाब से संशोधित टैक्स बिल जारी कर रहा है। नगर निगम के अनुसार, अगले एक महीने के भीतर शहर के सभी भवन और भूमि मालिकों को टैक्स के बिल जारी कर दिए जाएंगे। लोग नागरिक सेवा पोर्टल के माध्यम से इन बिलों का भुगतान कर सकते हैं। वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए उपायुक्त कार्यालय परिसर स्थित सुविधा केंद्र में नकद काउंटर भी स्थापित किया है। नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा ने कहा कि टैक्स चोरी करने वाले भवन मालिकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। जो लोग गलत जानकारी देकर टैक्स की चोरी कर रहे हैं, उनसे पिछले कई वर्षों का टैक्स भी वसूला जाएगा।
50 हजार रुपये तक लगेगा जुर्माना
शहर में सभी भवन मालिकों के लिए प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करना अनिवार्य है। इससे प्राप्त राशि शहर के विकास कार्यों पर खर्च की जाती है। गलत जानकारी देकर टैक्स की चोरी करने वालों पर नगर निगम अधिनियम के तहत पकड़े जाने पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा निगम ऐसे लोगों से पिछले कई वर्षों का बकाया टैक्स ब्याज सहित वसूल सकता है। टैक्स का भुगतान नहीं करने पर एनओसी भी नहीं मिलती। निगम से मिलने वाली इसी एनओसी के आधार पर प्रॉपर्टी की बिक्री की जा सकती है।