सियासत: आश्रय के इस्तीफे से नाराज कांग्रेस नेताओं से प्रभारी शुक्ला और प्रतिभा को लिखा पत्र
प्रदेश कांग्रेस ने आश्रय की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए शीर्ष नेतृत्व को पत्र लिखकर मामले में सख्त दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस की रोजगार यात्रा की कैंपेन कमेटी से प्रदेश कांग्रेस महासचिव आश्रय के इस्तीफे के बाद पार्टी में घमासान मच गया है। आश्रय के खिलाफ कांग्रेस में विरोध के स्वर गूंजने लगे हैं। सोमवार को प्रदेश कांग्रेस ने आश्रय की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए शीर्ष नेतृत्व को पत्र लिखकर मामले में सख्त दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। वहीं, करसोग में रोजगार यात्रा में पहुंचे शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य ने इस्तीफे को लेकर कहा कि आश्रय ने यह निर्णय पारिवारिक परेशानी की वजह से लिया होगा। प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला इस मामले में संज्ञान लेंगे। रोजगार यात्रा के कार्यक्रम की पूरी सूची औपचारिक और अनौपचारिक रूप से आश्रय तक पहुंचाई गई है। आश्रय युवा नेता हैं, उनका हम मान-सम्मान करते हैं। यदि वह साथ चलना चाहते हैं तो हम उनका स्वागत करते हैं।
प्रदेश कांग्रेस सचिव विकास कपूर, तरुण पाठक, अनिल और युवा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष यदोपति ठाकुर ने कहा कि यदि आश्रय को रोजगार रैली को लेकर किसी प्रकार की कोई शिकायत थी तो वह पार्टी फोरम या वरिष्ठ नेताओं से बात कर अपना पक्ष रख सकते थे। इतनी सी बात के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखना हास्यास्पद है। पंडित सुखराम का पोता होने का मान-सम्मान करते हुए उन्हें व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर लोगों की सेवा करनी चाहिए। युवा रोजगार यात्रा के लिए बनाई गई कमेटी की सदस्यता से इस्तीफा देने से बेहतर था कि जिस तरह रघुबीर बाली ने कांगड़ा और विक्रमादित्य सिंह ने नाहन में यात्राएं निकाली थीं, उसी तरह आश्रय भी मंडी में यात्रा निकालकर युवाओं को साथ जोड़ते। उन्होंने प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला, प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह से पत्र लिखकर अपील की है कि सभी पदाधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी करें।
आश्रय शर्मा ने जारी किया बयान
वहीं, आश्रय शर्मा ने सोशल मीडियो में जारी बयान में कहा, मैं 2019 में सत्ता त्यागकर विपरीत लहर में राहुल गांधी के आदेश पर कांग्रेस से लोकसभा चुनाव लड़ा हूं, जब तथाकथित मंडी और कांग्रेस के हितैषी चुनाव से भाग रहे थे और कुछ तो उसके बाद जी-23 का सदस्य बनकर कांग्रेस नेतृत्व पर उंगली उठा रहे थे। मैंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में कुछ विषयों को लेकर पार्टी नेतृत्व के समक्ष अपना पक्ष रखा है। उम्मीद है पार्टी उचित समय पर उचित निर्णय और आदेश देगी।
सराज, धर्मपुर में ही दी जा रहीं नौकरियां : विक्रमादित्य
जिला मंडी के करसोग और जंजैहली में सोमवार को युवा रोजगार संघर्ष यात्रा का नेतृत्व शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह ने किया। करसोग में यह यात्रा बरल से बस स्टैंड तक निकली। हाथों में तिरंगा लिए कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विक्रमादित्य ने आरोप लगाया कि पंप ऑपरेटर पदों के साथ बेलदार और करुणामूलक आधार पर केवल सराज और धर्मपुर विधानसभा क्षेत्रों में ही नौकरियां दी जा रही हैं। उन्होंने करसोग के विधायक हीरा लाल को भी आड़े हाथ लिया। कहा कि जो व्यक्ति राजनीति क्षेत्र में है, उसका कर्तव्य बनता है कि वह लोगों की आवाज विधानसभा में उठाए। पौने 5 साल में कभी करसोग की आवाज विधानसभा में नहीं गूंजी। जंजैहली में विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पुलिस भर्ती पेपर लीक मामला भाजपा के भ्रष्टाचार की पूरी पोल खोलता है। मामले की सीबीआई जांच आज तक शुरू नही हुई। भाजपा के कई नेता इसमें शामिल हैं। विक्रमादित्य ने कहा कि कांग्रेस सत्ता में आते ही भाजपा के भ्रष्टाचार को उजागर कर दोषियों को कड़ी सजा देगी।
वीरभद्र-सुखराम की दुश्मनी अब विक्रमादित्य-आश्रय निभा रहे : अमित
उधर, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष अमित ठाकुर ने कांग्रेस की रोजगार यात्रा और आश्रय शर्मा के इस्तीफे को लेकर निशाना साधा है। प्रदेशाध्यक्ष ने कांग्रेस की यात्रा को नौटंकी करार दिया है और कहा है कि यह यात्रा वास्तव में सत्ता के लिए संघर्ष की यात्रा है। इसमें भी कांग्रेस नेताओं के बीच खुद को एक-दूसरे से बड़ा दिखाने की होड़ मची हुई है।
अमित ठाकुर ने कहा है कि कांग्रेस के बीच चल रही अंतर्कलह का ताजा उदाहरण मंडी में देखने को मिला है। यहां हिमाचल कांग्रेस के महासचिव आश्रय शर्मा ने पार्टी की युवा बेरोजगार यात्रा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। आश्रय शर्मा ने विक्रमादित्य सिंह पर पार्टी कार्यक्रमों को हाईजैक करके मनमर्जी से चलाने और मंडी जिले की राजनीति में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है। यह दोनों अब वीरभद्र-सुखराम की दुश्मनी को निभा रहे हैं।