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बार संचालकों को राजस्व जुटाने की मशीन समझ रहा आबकारी महकमा
Wed, 17 Apr 2019 11:39 AM IST
शिमला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 17 Apr 2019 11:39 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने नई आबकारी नीति में संशोधन की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि बार संचालकों को आबकारी महकमा राजस्व जुटाने की मशीन समझ रहा है। आबकारी एवं कराधान नीति के संशोधित प्रावधानों के तहत बार की लाइसेंस फीस में भारी भरकम बढ़ोतरी कर दी है। इतना ही नहीं सालाना अनिवार्य कोटा 148 पेटी से बढ़ाकर 375 पेटी कर दिया है।
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मंगलवार को शिमला होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने प्रेसवार्ता के दौरान आबकारी महकमे की नीतियों पर जमकर सवाल उठाए। एसोसियेशन ने आबकारी नीति के संशोधित प्रावधानों में तुरंत बदलाव की मांग उठाई और ऐसा न होने की स्थिति में प्रदेश भर के करीब 600 बार बंद करने का भी ऐलान कर दिया।
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शिमला होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सूद ने बताया कि बीते सात सालों में आबकारी महकमे ने लाइसेंस फीस में 700 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। 2013-14 में लाइसेंस शुल्क 55,000 रुपये निर्धारित किया गया था जो 2018-19 के लिए बढ़ाकर 2,50,000 रुपये निर्धारित कर दिया है। इतना ही नहीं पूरे साल की लाइसेंस फीस वसूलने के साथ 10 फीसदी सिक्योरिटी भी साल के शुरू में वसूली जा रही है। इसके अतिरिक्त सालाना न्यूनतम उठान कोटा 2014-15 में 222 पेटी था जिसे 2019-20 में बढ़ाकर 375 पेटी कर दिया है।
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संजय सूद ने बताया कि बीते साल एक भी बार संचालक निर्धारित कोटा नहीं उठा पाया। इसके चलते सभी बार संचालकों को पेनल्टी चुकानी पड़ी। एचपीटीडीसी के होटल ट्रिपल एच और पीटरहॉफ को भी पेनल्टी पड़ी। ऐसे में साफ है कि पूर्व निर्धारित कोटा ही बार संचालकों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है ऐसे में कोटा बढ़ा कर 375 पेटी करना गलत है। उन्होंने बताया कि न्यूनतम कोटा न उठाने पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया है। एक लाख से छह लाख रुपये तक जुर्माने के साथ बार लाइसेंस रद्द करने का भी प्रावधान किया है।
इसके अलावा बार संचालकों को अपनी शराब केवल निकटतम एल-2 शराब की दुकानों से खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है जबकि इन दुकानों पर बार संचालकों को निर्धारित के मुकाबले महंगी दरों पर शराब बेची जा रही है। इस मौके पर शिमला होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष बलजीत सिंह, उपाध्यक्ष वरुण, राजन भारद्वाज, दीपक सूद सहित प्रदेश भर से बार संचालक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने दिया है राहत देने का आश्वासन
संजय सूद ने बताया कि होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और विधायक सुरेश भारद्वाज से भी मिल चुका है। मुख्यमंत्री ने लोकसभा चुनावों के बाद आबकारी नीति के प्रावधानों में राहत दिलाने का आश्वासन दिया है।
यह हैं एसोसिएशन की मांगें
- वार्षिक लाइसेंस शुल्क में की जाए कमी
- न्यूनतम उठान कोटे की शर्त खत्म की जाए
- क्षेत्र और स्थान के आधार पर तय न हो उठान कोटा
- एल-1 इकाई से शराब उठाने की दी जाए छूट
- खत्म हो कोटे पर अनुचित जुर्माने का प्रावधान
- मालरोड पर अहाता की अनुमति न दी जाए