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पदोन्नति के एक घंटे बाद हुई संवानिवृति
Updated Wed, 31 Jan 2018 09:56 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। बिलासपुर के रहने वाले रामानंद बंसल को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से रिटायरमेंट के दिन बहुत बड़ा तोहफा मिला हैं। रामानंद बंसल को रिटायरमेंट के दिन पदोन्नति हुई। करीब एक घंटे के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारी का चार्ज संभालने के बाद बंसल सेवानिवृत्त हो गए।
बिलासपुर के सदर तहसील के गांव नैहर (डिरट) के रहने वाले बंसल रोहडू के छोवारा में बतौर तहसील कल्याण विभाग में कार्यरत थे। बंसल ने 31 सालों से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में सेवाएं दी। बंसल लोक सेवा आयोग से 5 अगस्त 1987 को बतौर सुपरवाइजर चयनित हुए। साल 2009 में जिला कल्याण विभाग में सुपरवाइजर पद से तहसील कल्याण अधिकारी बनें। इस दौरान बंसल ने कांगड़ा, ठियोग , शिमला, और चिड़गांव में बतौर तहसील कल्याण अधिकारी सेवाएं दी। रामानंद बंसल ने बताया कि रिटायरमेंट के दिन उन्हें विभाग की ओर से पदोन्नति का बहुत बड़ा तोहफा मिला हैं। मंगलवार को करीब एक घंटे के लिए छोवारा (चिड़गांव) में बतौर बाल विकास परियोजना अधिकारी के तौर पर चार्ज संभाला।
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शिमला। बिलासपुर के रहने वाले रामानंद बंसल को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से रिटायरमेंट के दिन बहुत बड़ा तोहफा मिला हैं। रामानंद बंसल को रिटायरमेंट के दिन पदोन्नति हुई। करीब एक घंटे के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारी का चार्ज संभालने के बाद बंसल सेवानिवृत्त हो गए।
बिलासपुर के सदर तहसील के गांव नैहर (डिरट) के रहने वाले बंसल रोहडू के छोवारा में बतौर तहसील कल्याण विभाग में कार्यरत थे। बंसल ने 31 सालों से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में सेवाएं दी। बंसल लोक सेवा आयोग से 5 अगस्त 1987 को बतौर सुपरवाइजर चयनित हुए। साल 2009 में जिला कल्याण विभाग में सुपरवाइजर पद से तहसील कल्याण अधिकारी बनें। इस दौरान बंसल ने कांगड़ा, ठियोग , शिमला, और चिड़गांव में बतौर तहसील कल्याण अधिकारी सेवाएं दी। रामानंद बंसल ने बताया कि रिटायरमेंट के दिन उन्हें विभाग की ओर से पदोन्नति का बहुत बड़ा तोहफा मिला हैं। मंगलवार को करीब एक घंटे के लिए छोवारा (चिड़गांव) में बतौर बाल विकास परियोजना अधिकारी के तौर पर चार्ज संभाला।
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