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आईएसबीटी टूटीकंडी में शीशों से टकरा कर फूट रहे यात्रियों से सिर
Updated Wed, 10 Jan 2018 11:17 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला।
टूटीकंडी माडर्न आईएसबीटी की दीवारों पर लगे शीशे सवारियों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। बस पकड़ने की हड़बड़ी में यात्री शीशों से टकराकर चोटिल हो रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की तर्ज पर टूटीकंडी आईएसबीटी के प्रवेश और निकास द्वार की दीवारों पर शीशे लगाए गए हैं। शीशों पर स्टीकर नहीं लगाए गए हैं। कुछ शीशों पर जहां स्टीकर लगे हैं वह भी इतनी ऊंचाई पर लगाए गए हैं जहां किसी की नजर ही नहीं पड़ती। इससे यात्रियों को पता नहीं चल पाता कि यहां शीशा है और अंदर-बाहर जाते समय शीशे से टकराकर उनके सिर फूट रहे हैं। कई यात्री शीशे से टकराकर चोटिल हो चुके हैं। कायदे से सभी शीशों पर स्टीकर लगाए जाने चाहिए थे ताकि आने जाने वालों की इन पर नजर पड़ती और वे आवाजाही के दौरान एहतियात बरतते। आईएसबीटी प्रबंधन में एडवाइजर ओपी कांत ने बताया कि बस स्टैंड में लगाए गए सभी शीशों पर स्टीकर लगाए गए थेे, लेकिन कुछ शीशे टूट गए। नए लगाए गए शीशों पर स्टीकर नहीं लग पाए जिन्हें जल्द लगा दिया जाएगा।
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शीशों के लिए प्रिंट करवा दिए गए हैं स्टीकर : अशोक
आईएसबीटी के कुछ शीशों में स्टीकर नहीं लगे हैं। इनके लिए स्टीकर प्रिंट करवा दिए गए हैं। जैसे ही स्टीकर पहुंचते हैं तुरंत शीशों पर लगा दिए जाएंगे।
- अशोक शर्मा, प्रबंधक, टूटीकंडी आईएसबीटी
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शिमला।
टूटीकंडी माडर्न आईएसबीटी की दीवारों पर लगे शीशे सवारियों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। बस पकड़ने की हड़बड़ी में यात्री शीशों से टकराकर चोटिल हो रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की तर्ज पर टूटीकंडी आईएसबीटी के प्रवेश और निकास द्वार की दीवारों पर शीशे लगाए गए हैं। शीशों पर स्टीकर नहीं लगाए गए हैं। कुछ शीशों पर जहां स्टीकर लगे हैं वह भी इतनी ऊंचाई पर लगाए गए हैं जहां किसी की नजर ही नहीं पड़ती। इससे यात्रियों को पता नहीं चल पाता कि यहां शीशा है और अंदर-बाहर जाते समय शीशे से टकराकर उनके सिर फूट रहे हैं। कई यात्री शीशे से टकराकर चोटिल हो चुके हैं। कायदे से सभी शीशों पर स्टीकर लगाए जाने चाहिए थे ताकि आने जाने वालों की इन पर नजर पड़ती और वे आवाजाही के दौरान एहतियात बरतते। आईएसबीटी प्रबंधन में एडवाइजर ओपी कांत ने बताया कि बस स्टैंड में लगाए गए सभी शीशों पर स्टीकर लगाए गए थेे, लेकिन कुछ शीशे टूट गए। नए लगाए गए शीशों पर स्टीकर नहीं लग पाए जिन्हें जल्द लगा दिया जाएगा।
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शीशों के लिए प्रिंट करवा दिए गए हैं स्टीकर : अशोक
आईएसबीटी के कुछ शीशों में स्टीकर नहीं लगे हैं। इनके लिए स्टीकर प्रिंट करवा दिए गए हैं। जैसे ही स्टीकर पहुंचते हैं तुरंत शीशों पर लगा दिए जाएंगे।
- अशोक शर्मा, प्रबंधक, टूटीकंडी आईएसबीटी