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अवैध अतिक्रमण पर 12 तक सौंपनी होगी एक्शन टेकन रिपोर्ट
Updated Sat, 06 Jan 2018 11:09 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला।
हिमाचल हाईकोर्ट ने डिग्री कॉलेज संजौली से ढली तक बाईपास सड़क के आसपास किए गए अवैध अतिक्रमण और अवैध निर्माण का पता कर उन्हें गिराने की एक्शन टेकन रिपोर्ट 12 जनवरी तक कोर्ट में पेश करने के आदेश पारित किए हैं।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने इस मामले से जुड़े अवैध निर्माणों को गिराने को लेकर दिए गए हाईकोर्ट के आदेशों पर किसी अन्य निचली अदालत के दखल पर भी रोक लगा दी। कोर्ट ने अभी तक पाए गए अवैध निर्माणों को तुरंत हटाने और आने वाले हफ्तों में जो भी अवैध निर्माण पाए जाएंगे, उन पर भी शीघ्रता से कार्रवाई करते हुए उन्हें हटाने के आदेश दिए हैं। संजौली टनल से लेकर कुफरी मशोबरा जंक्शन तक के करीब 50 आवेदनकर्ताओं को राहत देते हुए कोर्ट ने उन्हें अपने मामले एनएचएआई की संबंधित अथॉरिटी के समक्ष चार सप्ताह के भीतर रखने के आदेश दिए।
कोर्ट ने एनएचएआई को उसके पश्चात दो सप्ताह के भीतर उन मामलों को निपटाने के आदेश दिए। साथ ही उसके पश्चात पाए गए अवैध निर्माणों को तुरंत हटाने के आदेश भी दिए।
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दो हफ्ते में वीडियोग्राफी करेगा निगम
नगर निगम शिमला की ओर से कोर्ट को बताया गया कि संजौली ढली बाईपास सड़क के दोनों ओर की इमारतों की वीडियोग्राफी दो दिनों के भीतर कर ली जाएगी। कोर्ट ने इस बाबत भी प्रोग्रेस टेकन रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर दायर करने के आदेश दिए। कोर्ट ने एक जनवरी को पारित आदेशों की अनुपालना करने के आदेश भी दिए जिसके तहत कानून को ताक पर रखकर किए गए अवैध निर्माणों के बिजली व पानी के कनेक्शन काटने को कहा गया था। कोर्ट ने निगम आयुक्त को आदेश दिए थे कि 5 जनवरी तक संजौली ढली बाईपास और ढली टनल से मशोबरा कुफरी जंक्शन तक की कुल छह किलोमीटर सड़क का निरीक्षण कर बताएं कि उन मकान मालिकों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई जो नियमों के खिलाफ बने हैं। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से यह स्पष्ट करने के आदेश भी दिए थे कि क्या इन सड़कों के आसपास सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे किए गए हैं। क्या भूमि मालिकों ने सड़क से उचित दूरी पर कानूनन निर्माण किया है या किया जा रहा है। कोर्ट ने इन आदेशों की अनुपालना रिपोर्ट भी 12 जनवरी तक कोर्ट के समक्ष रखने के आदेश दिए।
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शिमला।
हिमाचल हाईकोर्ट ने डिग्री कॉलेज संजौली से ढली तक बाईपास सड़क के आसपास किए गए अवैध अतिक्रमण और अवैध निर्माण का पता कर उन्हें गिराने की एक्शन टेकन रिपोर्ट 12 जनवरी तक कोर्ट में पेश करने के आदेश पारित किए हैं।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने इस मामले से जुड़े अवैध निर्माणों को गिराने को लेकर दिए गए हाईकोर्ट के आदेशों पर किसी अन्य निचली अदालत के दखल पर भी रोक लगा दी। कोर्ट ने अभी तक पाए गए अवैध निर्माणों को तुरंत हटाने और आने वाले हफ्तों में जो भी अवैध निर्माण पाए जाएंगे, उन पर भी शीघ्रता से कार्रवाई करते हुए उन्हें हटाने के आदेश दिए हैं। संजौली टनल से लेकर कुफरी मशोबरा जंक्शन तक के करीब 50 आवेदनकर्ताओं को राहत देते हुए कोर्ट ने उन्हें अपने मामले एनएचएआई की संबंधित अथॉरिटी के समक्ष चार सप्ताह के भीतर रखने के आदेश दिए।
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कोर्ट ने एनएचएआई को उसके पश्चात दो सप्ताह के भीतर उन मामलों को निपटाने के आदेश दिए। साथ ही उसके पश्चात पाए गए अवैध निर्माणों को तुरंत हटाने के आदेश भी दिए।
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दो हफ्ते में वीडियोग्राफी करेगा निगम
नगर निगम शिमला की ओर से कोर्ट को बताया गया कि संजौली ढली बाईपास सड़क के दोनों ओर की इमारतों की वीडियोग्राफी दो दिनों के भीतर कर ली जाएगी। कोर्ट ने इस बाबत भी प्रोग्रेस टेकन रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर दायर करने के आदेश दिए। कोर्ट ने एक जनवरी को पारित आदेशों की अनुपालना करने के आदेश भी दिए जिसके तहत कानून को ताक पर रखकर किए गए अवैध निर्माणों के बिजली व पानी के कनेक्शन काटने को कहा गया था। कोर्ट ने निगम आयुक्त को आदेश दिए थे कि 5 जनवरी तक संजौली ढली बाईपास और ढली टनल से मशोबरा कुफरी जंक्शन तक की कुल छह किलोमीटर सड़क का निरीक्षण कर बताएं कि उन मकान मालिकों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई जो नियमों के खिलाफ बने हैं। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से यह स्पष्ट करने के आदेश भी दिए थे कि क्या इन सड़कों के आसपास सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे किए गए हैं। क्या भूमि मालिकों ने सड़क से उचित दूरी पर कानूनन निर्माण किया है या किया जा रहा है। कोर्ट ने इन आदेशों की अनुपालना रिपोर्ट भी 12 जनवरी तक कोर्ट के समक्ष रखने के आदेश दिए।
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