फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   893 children, 8 teachers in primary school, no place to sit, now new admission denied

Baddi News: प्राथमिक स्कूल में 893 बच्चे, 8 शिक्षक, बैठने के लिए जगह नहीं, अब नए दाखिले से इनकार

Fri, 13 Oct 2023 12:50 PM IST
Krishan Singh ओमपाल सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, बद्दी (सोलन)
ओमपाल सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, बद्दी (सोलन) Published by: Krishan Singh Updated Fri, 13 Oct 2023 12:50 PM IST
सार

मुख्य अध्यापक राज ठाकुर ने बताया कि विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से कमरे और अध्यापकों की संख्या कम है। 

विज्ञापन
893 children, 8 teachers in primary school, no place to sit, now new admission denied
सरकारी प्राथमिक स्कूल बद्दी - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में पांच से कम छात्र संख्या वाले करीब 100 स्कूल बंद हो गए हैं, वहीं औद्योगिक क्षेत्र के सरकारी प्राथमिक स्कूल बद्दी में 893 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि इस स्कूल में सूबे में सबसे ज्यादा छात्र संख्या है। यहां ज्यादातर उद्योगों में काम करने वाले प्रवासी कामगारों के बच्चे हैं। अभी भी बच्चे दाखिले के लिए आ रहे हैं।

विज्ञापन


स्कूल में 10 कमरे हैं और आठ शिक्षक हैं। कमरों में बच्चों के बैठने के लिए जगह न होने से अब दाखिला देने से इन्कार करना पड़ रहा है। बद्दी का प्राइमरी स्कूल सरकार के लिए किसी मॉडल से कम नहीं है। 50 से 60 विद्यार्थियों की क्षमता वाले कमरे में 100 से अधिक विद्यार्थियों को बैठाया जा रहा है। स्कूल में विद्यार्थियों को बैठाने के लिए डेस्क लगना तो दूर, कई को तो टाट पट्टी भी नसीब नहीं हो रही है।
विज्ञापन


इन विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए भी मात्र आठ शिक्षक हैं। शिक्षा विभाग के नियम के अनुसार एक कक्षा में एक अध्यापक 40 विद्यार्थियों को ही पढ़ा सकता है। यहां पर एक अध्यापक 100 से अधिक बच्चों को पढ़ाने के लिए मजबूर है। ऐसे में शिक्षकों के लिए हर बच्चे को देख पाना भी मुश्किल रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


औद्योगिक क्षेत्र होने से बीबीएन में प्रवासियों के विद्यार्थी अधिक हैं। मजदूर तबका अपने बच्चों को निजी स्कूल में नहीं भेज सकता है। इसके चलते सभी कामगार अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में भी प्रवेश दिलाते हैं।  मुख्य अध्यापक राज ठाकुर ने बताया कि विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से कमरे और अध्यापकों की संख्या कम है। अभी भी लोग अपने बच्चों को लेकर यहां आ रहे हैं लेकिन कमरों की कमी चलते अब नए दाखिले नहीं ले रहे हैं। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed