{"_id":"5a2827b44f1c1bc5758b7620","slug":"71512581044-shimla-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व न्यायाधीशों के निधन पर हाईकोर्ट ने जताया शोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्व न्यायाधीशों के निधन पर हाईकोर्ट ने जताया शोक
Updated Wed, 06 Dec 2017 10:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला।
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में बुधवार को भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आदर्श सेन आनंद और प्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश सुरेंद्र स्वरूप के निधन पर फुल कोर्ट रेफरेंस के तहत शोक व्यक्त किया गया। फुल कोर्ट रेफरेंस के तहत प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल ने अपने शोक संदेश में न्यायमूर्ति आदर्श सेन आनंद को महान कानूनविद् और महान विद्वान बताया। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति आदर्श सेन आनंद ने 39 वर्ष की आयु में जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश का कार्यभार संभाला था। उन्होंने लिंग समानता और मानव अधिकार संरक्षण के संबंध में उच्च निर्णय भी प्रदान किए थे। न्यायमूर्ति संजय करोल ने न्यायमूर्ति सुरेंद्र स्वरूप को न्यायिक प्रक्रिया के क्षेत्र में अत्यधिक अनुभवी बताया। न्यायमूर्ति सुरेंद्र स्वरूप ने 6 अप्रैल 1996 से 20 अप्रैल 2000 तक हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में सेवाएं दीं। 14 मार्च 2000 से 19 अप्रैल 2005 तक न्यायमूर्ति सुरेंद्र स्वरूप हिमाचल प्रदेश उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग के अध्यक्ष रहे। न्यायमूर्ति संजय करोल ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति भी संवेदनाएं प्रकट कीं। श्रवण डोगरा एडवोकेट जनरल एवं अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल, असिस्टेंट सॉलिसिटर जरनल ऑफ इंडिया अशोक शर्मा एवं बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बीएम चौहान ने भी न्यायमूर्ति आदर्श सेन आनंद और न्यायमूर्ति सुरेंद्र स्वरूप को श्रद्धांजलि व्यक्त की। फुल कोर्ट रेफरेंस के तहत दो मिनट का मौन रखा गया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति धर्मचंद चौधरी, न्यायमूर्ति त्रिलोक सिंह चौहान, न्यायमूर्ति सुरेश्वर ठाकुर, न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर, न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल, न्यायमूर्ति संदीप शर्मा एवं न्यायमूर्ति चंद्रभूषण भी मौजूद रहे। कार्यवाही का संचालन रजिस्ट्रार जनरल राजीव भारद्वाज ने किया। रजिस्ट्रार जनरल राजीव भारद्वाज, रजिस्ट्रार अरविंद मल्होत्रा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश (लीव रिजर्व) राकेश कैंथला, रजिस्ट्रार जेके शर्मा, प्रेम पाल रांटा, प्यार चंद, देवेंद्र चोपड़ा, पीएस अरोड़ा तथा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्य तथा हाईकोर्ट के कर्मचारी भी शोक सभा में उपस्थित रहे।
000
विज्ञापन
शिमला।
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में बुधवार को भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आदर्श सेन आनंद और प्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश सुरेंद्र स्वरूप के निधन पर फुल कोर्ट रेफरेंस के तहत शोक व्यक्त किया गया। फुल कोर्ट रेफरेंस के तहत प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल ने अपने शोक संदेश में न्यायमूर्ति आदर्श सेन आनंद को महान कानूनविद् और महान विद्वान बताया। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति आदर्श सेन आनंद ने 39 वर्ष की आयु में जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश का कार्यभार संभाला था। उन्होंने लिंग समानता और मानव अधिकार संरक्षण के संबंध में उच्च निर्णय भी प्रदान किए थे। न्यायमूर्ति संजय करोल ने न्यायमूर्ति सुरेंद्र स्वरूप को न्यायिक प्रक्रिया के क्षेत्र में अत्यधिक अनुभवी बताया। न्यायमूर्ति सुरेंद्र स्वरूप ने 6 अप्रैल 1996 से 20 अप्रैल 2000 तक हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में सेवाएं दीं। 14 मार्च 2000 से 19 अप्रैल 2005 तक न्यायमूर्ति सुरेंद्र स्वरूप हिमाचल प्रदेश उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग के अध्यक्ष रहे। न्यायमूर्ति संजय करोल ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति भी संवेदनाएं प्रकट कीं। श्रवण डोगरा एडवोकेट जनरल एवं अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल, असिस्टेंट सॉलिसिटर जरनल ऑफ इंडिया अशोक शर्मा एवं बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बीएम चौहान ने भी न्यायमूर्ति आदर्श सेन आनंद और न्यायमूर्ति सुरेंद्र स्वरूप को श्रद्धांजलि व्यक्त की। फुल कोर्ट रेफरेंस के तहत दो मिनट का मौन रखा गया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति धर्मचंद चौधरी, न्यायमूर्ति त्रिलोक सिंह चौहान, न्यायमूर्ति सुरेश्वर ठाकुर, न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर, न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल, न्यायमूर्ति संदीप शर्मा एवं न्यायमूर्ति चंद्रभूषण भी मौजूद रहे। कार्यवाही का संचालन रजिस्ट्रार जनरल राजीव भारद्वाज ने किया। रजिस्ट्रार जनरल राजीव भारद्वाज, रजिस्ट्रार अरविंद मल्होत्रा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश (लीव रिजर्व) राकेश कैंथला, रजिस्ट्रार जेके शर्मा, प्रेम पाल रांटा, प्यार चंद, देवेंद्र चोपड़ा, पीएस अरोड़ा तथा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्य तथा हाईकोर्ट के कर्मचारी भी शोक सभा में उपस्थित रहे।
000