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Scrub Typhus: हिमाचल में स्क्रब टायफस के 582 मामले, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
Fri, 09 Sep 2022 07:41 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 09 Sep 2022 07:41 PM IST
सार
स्क्रब टायफस को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी व वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक को सतर्क रहने को कहा है। साथ ही अस्पतालों में दवाइयों का उचित प्रबंध करने को कहा गया है।
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स्क्रब टाइफस(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में जनवरी से लेकर अब तक स्क्रब टायफस के 582 मामले सामने आए हैं। अस्पतालों में लगातार मामले आने से प्रदेश सरकार ने अलर्ट जारी किया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी व वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक को सतर्क रहने को कहा है। साथ ही अस्पतालों में दवाइयों का उचित प्रबंध करने को कहा गया है।
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डॉक्टरों का कहना है कि तेज बुखार, सिर, जोड़ों में दर्द, कंपकंपी के साथ बुखार, शरीर में ऐंठन इस बीमारी के लक्षण हैं। खेतों में काम करते समय पूरे शरीर को ढक कर रखें, शरीर की सफाई का ध्यान, घर के आसपास साफ सफाई और घास, खरपतवार न उगने दें। हिमाचल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक हेमराज बैरवा ने कहा कि बीमारी को जिला स्वास्थ्य अधिकारियों और अस्पताल प्रबंधन को अलर्ट किया गया है।
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बीते दिन ही इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) अस्पताल शिमला में स्क्रब टायफस से एक मरीज की मौत हो गई थी। स्क्रब टायफस रोग एक जीवाणु रिकेटशिया से संक्रमित पिस्सू के काटने से फैलता है, जो खेतों, झाड़ियों और घास में रहने वाले चूहों के अलावा पशुओं में पनपता है।
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