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हिमाचल: चार माह में 52 दवाइयों के सैंपल हो चुके हैं फेल

Tue, 14 May 2019 05:00 AM IST
Krishan Singh संतोष कुमार, अमर उजाला, नालागढ़ (सोलन)
संतोष कुमार, अमर उजाला, नालागढ़ (सोलन) Published by: Krishan Singh Updated Tue, 14 May 2019 05:00 AM IST
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52 medicines samples have been failed in four months in himachal

 फार्मा हब के रूप में उभरे और 35 फीसदी दवाओं का एशिया में निर्यात करने वाले सूबे के उद्योगों की निर्मित दवाएं मानकों पर खरा नहीं उतर रही हैं। इस वर्ष अब तक चार माह में प्रदेश की 52 दवाओं के सैंपल फेल हो चुके हैं।

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इनमें जनवरी में देशभर के फेल हुए 45 दवाओं के सैंपलों में हिमाचल के 14, फरवरी में 37 में से 13, मार्च में 50 में से 19 और अप्रैल माह में 29 में से 6 दवाओं के सैंपल फेल हो चुके हैं। बीते वर्ष देशभर में फेल हुई 350 दवाओं के सैंपलों में से हिमाचल के 100 से अधिक सैंपल हैं।
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वहीं इस वर्ष के चार माह में 52 दवाएं गुणवत्ता में खरी नहीं उतरी हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली सरकार ने शुरू में ही इस पर संज्ञान लिया लेकिन दवा सैंपल फेल होने का क्रम लगातार जारी है।
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प्रदेशभर में करीब 750 फार्मा उद्योग स्थापित हैं, जिनमें से कई उद्योगों में निर्मित दवाओं पर सवाल उठते रहे हैं और सीडीएससीओ की ओर से हर माह दिए जाने वाले ड्रग अलर्ट के बाद विभाग हरकत में आता है और सैंपल फेल होने वाली दवाओं का बैच मार्किट से उठा लिया जाता है। 

52 medicines samples have been failed in four months in himachal

हर माह के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की ओर से जारी किए जाने वाले ड्रग अलर्ट में हिमाचल की दवाएं शामिल होती हैं। इनमें मुख्य रूप से जिला सोलन, सिरमौर, ऊना और कांगड़ा के उद्योगों की दवाएं शामिल होती हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या जिला सोलन के औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के तहत स्थापित हुए फार्मा उद्योगों की रहती है।

राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मारवाह ने बताया कि प्राधिकरण के तहत पांच जोन बने हुए हैं और नियंत्रक समय-समय पर उद्योगों में जाकर जांच करता है और सैंपल भी एकत्रित करता है। उन्होंने कहा कि 90:10 के अनुपात में बद्दी में ही ड्रग टेस्टिंग लैब बन रही है, जिससे दवाओं की जांच यहीं लैब में हो सकेगी।

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