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फोरलेन प्रभावितों को चार गुना मुआवजा नहीं दिला पाई सरकारें
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रितेश गुलेरिया
बिलासपुर। नेरचौक-किरतपुर फोरलेन के निर्माण से प्रभावित 6300 परिवार आज भी न्याय की आस लगाए बैठे हैं। देश के विकास के लिए सड़क निर्माण के लिए इन परिवारों ने अपनी कीमती जमीन तो दे दी लेकिन चार गुना मुआवजा अभी तक नहीं मिला। न अभी तक यह पता चल पाया है कि सड़क निर्माण के लिए कितनी जमीन गई और शेष कितनी बची है।
प्रभावित आज भी सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार के 4 गुना मुआवजे के आदेश के बाद भी विस्थापित और प्रभावितों को इस दर पर पैसा नहीं दिया गया। इसके लिए प्रभावित संघर्ष कर रहे हैं। पूर्व में उपायुक्त की अध्यक्षता में इस मसले के समाधान के लिए कमेटी का गठन किया था लेकिन कमेटी भी राहत नहीं दे पाई।
सरकार की अनदेखी के कारण करीब 6362 परिवारों को आज भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। विस्थापित एवं प्रभावितों का कहना है कि पूर्व में कांग्रेस और वर्तमान भाजपा दोनों ही सरकारों में उनकी समस्या की अनदेखी हुई है। मेहला, थापना, तुन्नु, मलयावर और कैंची मोड़ वाले क्षेत्र में ब्लास्टिंग से लोगों की घरों में दरारे आ चुकी हैं। घर कभी भी गिर सकते हैं। नियमों को ताक पर रखकर वन भूमि और निजी भूमि पर अवैध रूप से मलबा डाल रखा है। मलबा गोबिंदसागर झील में भी डाला गया। इससे मछली उत्पादन घटा है। इसका सीधा असर 3000 हजार मछुआरों के परिवारों पर पड़ रहा है।
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लोगों की समस्या को उठाया है प्रमुखता से : रामलाल
कांग्रेस प्रत्याशी एवं श्री नयना देवी के विधायक रामलाल ठाकुर ने कहा कि उन्होंने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया है। इसके बाद पूर्व सरकार के आदेश पर कमेटी का भी गठन किया है। उन्होंने कहा कि विस्थापितों और प्रभावितों की समस्या को जल्द समाधान होगा।
लोगों की सभी समस्याएं होंगी दूर : अनुराग
सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि जो कंपनी काम कर रही थी वह डिफाल्टर घोषित हो चुकी है। इसके सीएमडी और डायरेक्टर को गिरफ्तार किया जा चुका है। कहा कि पुराने काम की क्लोजर रिपोर्ट बनाकर नई कंपनी को काम दिया जाएगा। नई कंपनी को काम देने से पहले लोगों की सभी समस्याओं को दूर कर दिया जाएगा।
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बिलासपुर। नेरचौक-किरतपुर फोरलेन के निर्माण से प्रभावित 6300 परिवार आज भी न्याय की आस लगाए बैठे हैं। देश के विकास के लिए सड़क निर्माण के लिए इन परिवारों ने अपनी कीमती जमीन तो दे दी लेकिन चार गुना मुआवजा अभी तक नहीं मिला। न अभी तक यह पता चल पाया है कि सड़क निर्माण के लिए कितनी जमीन गई और शेष कितनी बची है।
प्रभावित आज भी सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार के 4 गुना मुआवजे के आदेश के बाद भी विस्थापित और प्रभावितों को इस दर पर पैसा नहीं दिया गया। इसके लिए प्रभावित संघर्ष कर रहे हैं। पूर्व में उपायुक्त की अध्यक्षता में इस मसले के समाधान के लिए कमेटी का गठन किया था लेकिन कमेटी भी राहत नहीं दे पाई।
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सरकार की अनदेखी के कारण करीब 6362 परिवारों को आज भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। विस्थापित एवं प्रभावितों का कहना है कि पूर्व में कांग्रेस और वर्तमान भाजपा दोनों ही सरकारों में उनकी समस्या की अनदेखी हुई है। मेहला, थापना, तुन्नु, मलयावर और कैंची मोड़ वाले क्षेत्र में ब्लास्टिंग से लोगों की घरों में दरारे आ चुकी हैं। घर कभी भी गिर सकते हैं। नियमों को ताक पर रखकर वन भूमि और निजी भूमि पर अवैध रूप से मलबा डाल रखा है। मलबा गोबिंदसागर झील में भी डाला गया। इससे मछली उत्पादन घटा है। इसका सीधा असर 3000 हजार मछुआरों के परिवारों पर पड़ रहा है।
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लोगों की समस्या को उठाया है प्रमुखता से : रामलाल
कांग्रेस प्रत्याशी एवं श्री नयना देवी के विधायक रामलाल ठाकुर ने कहा कि उन्होंने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया है। इसके बाद पूर्व सरकार के आदेश पर कमेटी का भी गठन किया है। उन्होंने कहा कि विस्थापितों और प्रभावितों की समस्या को जल्द समाधान होगा।
लोगों की सभी समस्याएं होंगी दूर : अनुराग
सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि जो कंपनी काम कर रही थी वह डिफाल्टर घोषित हो चुकी है। इसके सीएमडी और डायरेक्टर को गिरफ्तार किया जा चुका है। कहा कि पुराने काम की क्लोजर रिपोर्ट बनाकर नई कंपनी को काम दिया जाएगा। नई कंपनी को काम देने से पहले लोगों की सभी समस्याओं को दूर कर दिया जाएगा।