शहीदों के हक में हिमाचल सरकार ने दिया बड़ा फैसला
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देश के लिए शहीद होने वाले प्रदेश से जुड़े सेना के जवानों के परिजनों को हिमाचल सरकार अब पांच-पांच लाख रुपये देगी। अभी तक शहीदों के परिजनों को राज्य सरकार अपनी ओर से तीन-तीन लाख रुपये देती रही है। मणिपुर में उग्रवादियों के हमले में शहीद सूबे के सात जवानों के परिजनों को सरकार ने हाल ही में 5-5 लाख रुपये दिए हैं।
आगे भी अब शहीदों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकार साल 1999 के नियमों में संशोधन करने जा रही है। राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड ने इसका प्रस्ताव बना कर प्रदेश सरकार को भेज दिया है। इसे अब कैबिनेट में लेकर जा रहे हैं।
हिमाचल के पचास हजार से ज्यादा जवान वर्तमान में सेना में हैं। सेना के लगभग हर ऑपरेशन में हिमाचल के जवानों को योगदान रहा है। कारगिल युद्ध में ही हिमाचल के 2 जवानों को सेना का सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र मिल चुका है। पहला परमवीर चक्र भी हिमाचल के ही मेजर सोमनाथ शर्मा को मिला था।
मणिपुर में शहीद हुए हिमाचल के सात जवान
विभिन्न युद्धों एवं सेना के ऑपरेशनों में हिमाचल के सैकड़ों जवान सर्वोच्च बलिदान दे चुके हैं। हाल ही में मणिपुर में सेना पर हुए उग्रवादी हमले में भी हिमाचल के एक साथ सात जवान शहीद हो गए। शहीद होने पर केंद्र सरकार की मदद के अलावा प्रदेश की सरकार भी अपनी ओर से शहीदों के परिजनों को कारगिल युद्ध के बाद से 3-3 लाख रुपये देती आ रही है। अब समय के अनुसार इसमें बढ़ोतरी की जा रही है।
हिमाचल में 50 हजार से अधिक जवान सेना में कार्यरत हैं। सैनिक कल्याण बोर्ड की मानें, तो कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी, ऊना जैसे जिलों से सेना में ज्यादा लोग हैं।
सैनिक कल्याण बोर्ड के निदेशक ब्रिगेडियर एसके वर्मा ने कहा कि शहादत पर दी जाने वाली राहत राशि को तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा है। अब इस पर सरकार को फैसला लेना है।