नए पर्यटन स्थलों में अधोसंरचना विकास पर खर्च होंगे 480 करोड़: जयराम ठाकुर
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एशियन विकास बैंक (एडीबी) की मदद से राज्य में अनछुए और नए पर्यटन स्थलों में अधोसंरचना के विकास पर 480 करोड़ खर्च किए जाएंगे। एशियन विकास बैंक ने राज्य के लिए 1892.04 करोड़ की ट्रैंच-2 परियोजना स्वीकृत की है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी। कहा कि परियोजना के प्रथम चरण में पर्यटन विकास के लिए विभिन्न गतिविधियों पर 800 करोड़ खर्चने का प्रस्ताव है।
सम्मेलन केंद्र, पर्यटन सांस्कृतिक केंद्र, फूड पार्क और पार्किंग स्थलों का विकास किया जाएगा। नाहन, सोलन, पालमपुर, डलहौजी, ऊना, केलंग, ताबो और काजा शहरों के सौंदर्यीकरण पर 180 करोड़ खर्च करने प्रस्तावित हैं।
धरोहर भवनों के संरक्षण और मरम्मत पर 45 करोड़ और क्षमता निर्माण पर 50 करोड़ खर्च होंगे। नई राहें-नई मंजिलें योजना से जंजैहली, चांशल, बीड़-बिलिंग और लारजी को विकसित करेंगे।
150 करोड़ से बनेगा ये रज्जू मार्ग
कहा कि रोहतांग सुरंग के दोनों ओर फूड पार्क और पार्किंग बनेगी। सरकार रज्जू मार्गों की स्थापना को प्रतिबद्ध है। आनन्दपुर साहिब से नयना देवी रज्जू मार्ग के निर्माण को हिमाचल और पंजाब सरकार के बीच समझौता किया है।
150 करोड़ से बनने वाले धर्मशाला-मैकलोडगंज रज्जू मार्ग के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी। यह परियोजना मई महीने तक पूरी कर ली जाएगी। आदी-हिमानी से चामुंडा और भुंतर से बिजली महादेव रोपवे का निर्माण शीघ्र आरंभ किया जाएगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन रामसुभग सिंह ने कहा कि पर्यटन विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि इन सभी स्थानों को विकसित करके इन्हें पर्यटन मानचित्र पर लाया जाए। मुख्य सचिव बीके अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विनय सिंह, अतिरिक्त निदेशक पर्यटन मनोज शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
उड़ान दो में छह गंतव्य चिंहित, जलाशयों में पर्यटन गतिविधियां होंगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य के लिए उड़ान-दो के तहत छह गंतव्य चिह्नित किए हैं। इनमें बद्दी, शिमला, रामपुर, नाथपा-झाखड़ी, कंगनीधार (मंडी) और मनाली शामिल हैं। शिमला के समीप संजौली में अगले वर्ष मई तक हेलीपोर्ट का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
चमेरा, पौंगबांध, गोबिंदसागर, तत्तापानी, लारजी और पंडोह जलाशयों में साहसी और जलक्रीड़ा के लिए प्रमुख पर्यटक आकर्षण केंद्र बनने की क्षमता है। इन झीलों को जल क्रीड़ाओं, शिकारा, नौकायन, हाउस वोट, सी प्लेन आदि अन्य मनोरंजक गतिविधियों के लिए विकसित किया जाएगा।