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सेब बागवानों की सालभर की मेहनत 25 मिनट में ही तबाह
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ओलावृष्टि
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला/रामपुर बुशहर। बागवानों पर मौसम ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। मौसम के बिगड़े मिजाज से ओलावृष्टि ने अपर शिमला के सेब बहुल इलाकों के बागवानों की साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। रविवार दोपहर बाद आए 5 से 25 मिनट ओलों ने फसल तबाह कर डाली। ओले ने फ्लावरिंग स्टेज पर ही बागवानों को गहरे जख्म दिए हैं।
रविवार दोपहर को ठियोग के क्यार, कमाह, सांबर, कलाहर, धानो, मत्याना, नारकंडा, रामपुर के श्राई कोटी, कूहल, पटैना, देवठी, गौरा वैली के दारन, गौरा, मशनू, कोटी, जुब्बल के मढ़ोल, कोटखाई के महासू, रतनाड़ी, कलबोग, बखोल पंचायल के बखोल गांव, कदाई, बनोगड़ा, भोटी, चौपाल के सराहां, काकराधार सहित नेरवा तहसील की विभिन्न पंचायतों में ओलावृष्टि से सेब की फसल को भारी नुकसान हुआ है। रामपुर खंड की देवठी पंचायत के कमसारी, देवठी और जावा गांव, कूहल पंचायत के चिकसा, कूहल पटेना, मझाली, तलाई गांव और दोफदा पंचायत के दशमाला, दारन, शाह गांव में ओलावृष्टि ने खासी तबाही मचाई।
कोटी के नंद लाल चौहान, देवठी के सुनील चौहान और रणवीर चौहान ने बताया कि करीब 20 मिनट हुई ओलावृष्टि से सेब के पेड़ों पर लगे फूल झड़ गए हैं। चौपाल के काकराधार के बागवान चमन ठाकुर ने बताया कि पहली फ्लावरिंग पर ही ओले गिर गए हैं। इससे बागवान मायूस हो गए हैं। कोटखाई की बखोल पंचायत के राजेश चौहान ने बताया कि ओले गिरने से फ्लावरिंग के बाद जो सेब सेट हो गया तो उसे नुकसान पहुंचा है। कई जगहों पर सेब के पत्ते तक कट गए हैं।
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रामपुर के प्रभावित बागवान सुनील चौहान, श्याम शर्मा, बोबन लाल, विपिन कंटू, योगराज, हेमराज, प्रवीन कुमार, मोंटू भंडारी, भाग सिंह, दलीप अष्टू, देवराज शर्मा, दीपक शर्मा और कौल राम सहित कई अन्य बागवानों ने कहा कि रविवार दोपहर बाद आई ओलावृष्टि इतनी भयानक थी कि सेब के पौधों के बीमे तक तोड़ डाले। ओले ने शुरूआती फ्लावरिंग स्टेज में ही फसल को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। वैली में करीब 15 मिनट तक भारी ओलावृष्टि हुई, जिसके चलते आगामी तीन साल तक सेब के पौधों में बीमे नहीं बन पाएंगे। ऐसे में मौसम के कड़े तेवरों ने बागवानों की आंखों के सामने उनकी साल भर की मेहतन पल भर में ही तबाह कर दी। उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि से उनकी आर्थिकी काफी ज्यादा प्रभावित होगी। उनकी आर्थिकी सेब पर ही निर्भर है। बागवानों ने प्रदेश सरकार, प्रशासन और विभाग से ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई करने की पुरजोर मांग उठाई है।
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कोटखाई के महासू ब्लॉक से एचईओ नवीन सिंह ने बताया कि 3:16 से 3:31 तक ओलावृष्टि होने की सूचना है। ओले गिरने से सेब की फसल काफी नुकसान बताया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
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चिड़गांव, रोहड़ू, जुब्बल में भारी नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
रोहड़ू। चिड़गांव, रोहड़ू, जुब्बल और कोटखाई के विभिन्न क्षेत्रों में रविवार शाम हुई ओलावृष्टि से सेब की फसल को भारी नुकसान हुआ है। सेब के पौधों से पत्ते फलों सहित टूट कर जमीन पर गिर गए हैं। बागवानी विभाग नुकसान का आकलन कर रहा है।
चिड़गांव क्षेत्र के जखनोटी, चिलाल, बाहली, थाना, अंबोई, जैलोट, टिपरोली, गुमणा, रनोल में भारी ओलावृष्टि हुई है। रोहड़ू क्षेत्र के नसारी, सुंगरी, समरकोटी में ओले गिरे हैं। नावर क्षेत्र के धराड़ा, हंसटाड़ी और सामरा में ओलावृष्टि हुई है। जुब्बल के मंढोल और बटाड़गलु में भी ओलावृष्टि हुई है। इसके अतिरिक्त कोटखाई क्षेत्र मेल, रतनाड़ी, बाघी, कलबोग, बखोल, शिलागांव में ओलावृष्टि हुई है। उद्यान विकास अधिकारी रोहड़ू डॉ. कुशाल मेहता ने बताया कि रविवार शाम को ओलावृष्टि से कई स्थानों पर भारी नुकसान हुआ है।
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शिमला/रामपुर बुशहर। बागवानों पर मौसम ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। मौसम के बिगड़े मिजाज से ओलावृष्टि ने अपर शिमला के सेब बहुल इलाकों के बागवानों की साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। रविवार दोपहर बाद आए 5 से 25 मिनट ओलों ने फसल तबाह कर डाली। ओले ने फ्लावरिंग स्टेज पर ही बागवानों को गहरे जख्म दिए हैं।
रविवार दोपहर को ठियोग के क्यार, कमाह, सांबर, कलाहर, धानो, मत्याना, नारकंडा, रामपुर के श्राई कोटी, कूहल, पटैना, देवठी, गौरा वैली के दारन, गौरा, मशनू, कोटी, जुब्बल के मढ़ोल, कोटखाई के महासू, रतनाड़ी, कलबोग, बखोल पंचायल के बखोल गांव, कदाई, बनोगड़ा, भोटी, चौपाल के सराहां, काकराधार सहित नेरवा तहसील की विभिन्न पंचायतों में ओलावृष्टि से सेब की फसल को भारी नुकसान हुआ है। रामपुर खंड की देवठी पंचायत के कमसारी, देवठी और जावा गांव, कूहल पंचायत के चिकसा, कूहल पटेना, मझाली, तलाई गांव और दोफदा पंचायत के दशमाला, दारन, शाह गांव में ओलावृष्टि ने खासी तबाही मचाई।
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कोटी के नंद लाल चौहान, देवठी के सुनील चौहान और रणवीर चौहान ने बताया कि करीब 20 मिनट हुई ओलावृष्टि से सेब के पेड़ों पर लगे फूल झड़ गए हैं। चौपाल के काकराधार के बागवान चमन ठाकुर ने बताया कि पहली फ्लावरिंग पर ही ओले गिर गए हैं। इससे बागवान मायूस हो गए हैं। कोटखाई की बखोल पंचायत के राजेश चौहान ने बताया कि ओले गिरने से फ्लावरिंग के बाद जो सेब सेट हो गया तो उसे नुकसान पहुंचा है। कई जगहों पर सेब के पत्ते तक कट गए हैं।
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रामपुर के प्रभावित बागवान सुनील चौहान, श्याम शर्मा, बोबन लाल, विपिन कंटू, योगराज, हेमराज, प्रवीन कुमार, मोंटू भंडारी, भाग सिंह, दलीप अष्टू, देवराज शर्मा, दीपक शर्मा और कौल राम सहित कई अन्य बागवानों ने कहा कि रविवार दोपहर बाद आई ओलावृष्टि इतनी भयानक थी कि सेब के पौधों के बीमे तक तोड़ डाले। ओले ने शुरूआती फ्लावरिंग स्टेज में ही फसल को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। वैली में करीब 15 मिनट तक भारी ओलावृष्टि हुई, जिसके चलते आगामी तीन साल तक सेब के पौधों में बीमे नहीं बन पाएंगे। ऐसे में मौसम के कड़े तेवरों ने बागवानों की आंखों के सामने उनकी साल भर की मेहतन पल भर में ही तबाह कर दी। उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि से उनकी आर्थिकी काफी ज्यादा प्रभावित होगी। उनकी आर्थिकी सेब पर ही निर्भर है। बागवानों ने प्रदेश सरकार, प्रशासन और विभाग से ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई करने की पुरजोर मांग उठाई है।
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कोटखाई के महासू ब्लॉक से एचईओ नवीन सिंह ने बताया कि 3:16 से 3:31 तक ओलावृष्टि होने की सूचना है। ओले गिरने से सेब की फसल काफी नुकसान बताया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
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चिड़गांव, रोहड़ू, जुब्बल में भारी नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
रोहड़ू। चिड़गांव, रोहड़ू, जुब्बल और कोटखाई के विभिन्न क्षेत्रों में रविवार शाम हुई ओलावृष्टि से सेब की फसल को भारी नुकसान हुआ है। सेब के पौधों से पत्ते फलों सहित टूट कर जमीन पर गिर गए हैं। बागवानी विभाग नुकसान का आकलन कर रहा है।
चिड़गांव क्षेत्र के जखनोटी, चिलाल, बाहली, थाना, अंबोई, जैलोट, टिपरोली, गुमणा, रनोल में भारी ओलावृष्टि हुई है। रोहड़ू क्षेत्र के नसारी, सुंगरी, समरकोटी में ओले गिरे हैं। नावर क्षेत्र के धराड़ा, हंसटाड़ी और सामरा में ओलावृष्टि हुई है। जुब्बल के मंढोल और बटाड़गलु में भी ओलावृष्टि हुई है। इसके अतिरिक्त कोटखाई क्षेत्र मेल, रतनाड़ी, बाघी, कलबोग, बखोल, शिलागांव में ओलावृष्टि हुई है। उद्यान विकास अधिकारी रोहड़ू डॉ. कुशाल मेहता ने बताया कि रविवार शाम को ओलावृष्टि से कई स्थानों पर भारी नुकसान हुआ है।