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विवि
Updated Thu, 28 Sep 2017 11:11 PM IST
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छात्र बोले-ज्ञापन भी नहीं जागता एचपीयू प्रशासन
सफाई-पानी, मैस की समस्याओं के हल को बार-बार करने पड़ते हैं प्रदर्शन
वार्डन भी हॉस्टल की नहीं लेते सुध
अरविंद ठाकुर/अमर उजाला ब्यूरो
शिमला।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्र संघ नेताओं का कहना है कि विवि में सफाई, पानी और मैस आदि में समस्याओं का अंबार है। बार-बार ज्ञापन और प्रदर्शन के बावजूद विवि प्रशासन नहीं जागता है। हालत सबके सामने है। झाड़ू तक नहीं लग रहा है। वार्डन भी हॉस्टल की तरफ रुख नहीं करते हैं। जब कभी छात्रों के बीच मारपीट होती है तो ही प्रशासनिक अमला दिखता है। छात्र संघ चुनाव न करवाने के पीछे भी साजिश है। अगर चुनाव करवाकर एससीए बनती तो फिर दबाव डालकर सारे काम करवा लिए जाते। या यूं कहें प्रशासन को काम करने पड़ते। अब मनोनीत एससीए इस ओर ध्यान नहीं देती। जब कोई दबाव ही नहीं पड़ेगा तो काम भी प्रशासन क्यों करवाए। इसी मकसद से विवि ने चुनावों को स्थगित किया है। अब ऐसा कहा जा सकता है कि विवि ए ग्रेड है लेकिन सुविधाएं डी ग्रेड जैसी हैं।
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नहीं सुधरते हालात : विश्वबंधु शर्मा
एबीवीपी के कैंपस प्रेजीडेंट विश्वबंधु शर्मा ने कहा कि ईसी को हॉस्टल में चरमराई व्यवस्था से कई बार अवगत करवाया गया। मेस की हालत सुधारने के लिए धरना-प्रदर्शन किए लेकिन हालात जस के तस रहे। वार्डन हॉस्टल का निरीक्षण तक करने नहीं आते। हॉस्टलों में अवैध तौर पर कई लोग रह रहे हैं, पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती।
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बस हर बार मिलता है झांसा : अनिल नेगी
एसएफ आई सचिव अनिल नेगी ने कहा कि जब भी विवि के हालात सुधारने के लिए शिकायत की जाती है या ज्ञापन सौंपा जाता है तो वीसी कहते हैं एक्सईएन से बात करो, एक्सईएन कहते हैं चीफ वॉर्डन से बात करो। बस एक-दूसरे ऑफि स में घुमाते रहते हैं। किसी की भी जवाबदेही तय नहीं है। अनिल ने कहा कि अब विवि में दस दिन के भीतर धरना प्रदर्शन किए जाएंगे।
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अवैध तौर पर हॉस्टलों में डेरा : वीनू मेहता
एनएसयूआई के छात्र नेता वीनू मेहता ने कहा कि हॉस्टलों में अवैध रूप से कई लोग रह रहे हैं। अधिकारी निरीक्षण तक नहीं करते। या यूं कहें कि इन लोगों को संरक्षण प्राप्त है तभी इन पर कार्रवाई नहीं की जाती। एनएसयूआई विवि में व्यवस्था को सुधारने के लिए अब लगातार कैंपस में धरने प्रदर्शन करेगी।
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सफाई-पानी, मैस की समस्याओं के हल को बार-बार करने पड़ते हैं प्रदर्शन
वार्डन भी हॉस्टल की नहीं लेते सुध
अरविंद ठाकुर/अमर उजाला ब्यूरो
शिमला।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्र संघ नेताओं का कहना है कि विवि में सफाई, पानी और मैस आदि में समस्याओं का अंबार है। बार-बार ज्ञापन और प्रदर्शन के बावजूद विवि प्रशासन नहीं जागता है। हालत सबके सामने है। झाड़ू तक नहीं लग रहा है। वार्डन भी हॉस्टल की तरफ रुख नहीं करते हैं। जब कभी छात्रों के बीच मारपीट होती है तो ही प्रशासनिक अमला दिखता है। छात्र संघ चुनाव न करवाने के पीछे भी साजिश है। अगर चुनाव करवाकर एससीए बनती तो फिर दबाव डालकर सारे काम करवा लिए जाते। या यूं कहें प्रशासन को काम करने पड़ते। अब मनोनीत एससीए इस ओर ध्यान नहीं देती। जब कोई दबाव ही नहीं पड़ेगा तो काम भी प्रशासन क्यों करवाए। इसी मकसद से विवि ने चुनावों को स्थगित किया है। अब ऐसा कहा जा सकता है कि विवि ए ग्रेड है लेकिन सुविधाएं डी ग्रेड जैसी हैं।
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नहीं सुधरते हालात : विश्वबंधु शर्मा
एबीवीपी के कैंपस प्रेजीडेंट विश्वबंधु शर्मा ने कहा कि ईसी को हॉस्टल में चरमराई व्यवस्था से कई बार अवगत करवाया गया। मेस की हालत सुधारने के लिए धरना-प्रदर्शन किए लेकिन हालात जस के तस रहे। वार्डन हॉस्टल का निरीक्षण तक करने नहीं आते। हॉस्टलों में अवैध तौर पर कई लोग रह रहे हैं, पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती।
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बस हर बार मिलता है झांसा : अनिल नेगी
एसएफ आई सचिव अनिल नेगी ने कहा कि जब भी विवि के हालात सुधारने के लिए शिकायत की जाती है या ज्ञापन सौंपा जाता है तो वीसी कहते हैं एक्सईएन से बात करो, एक्सईएन कहते हैं चीफ वॉर्डन से बात करो। बस एक-दूसरे ऑफि स में घुमाते रहते हैं। किसी की भी जवाबदेही तय नहीं है। अनिल ने कहा कि अब विवि में दस दिन के भीतर धरना प्रदर्शन किए जाएंगे।
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अवैध तौर पर हॉस्टलों में डेरा : वीनू मेहता
एनएसयूआई के छात्र नेता वीनू मेहता ने कहा कि हॉस्टलों में अवैध रूप से कई लोग रह रहे हैं। अधिकारी निरीक्षण तक नहीं करते। या यूं कहें कि इन लोगों को संरक्षण प्राप्त है तभी इन पर कार्रवाई नहीं की जाती। एनएसयूआई विवि में व्यवस्था को सुधारने के लिए अब लगातार कैंपस में धरने प्रदर्शन करेगी।
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