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एक साल में 32 फीसदी बढ़ गए नशा तस्करी के मामले
Fri, 04 Jan 2019 01:20 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 04 Jan 2019 01:20 PM IST
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जयराम सरकार के गठन के बाद से नशीले पदार्थों की तस्करी को लेकर सख्ती के बीच पुलिस के आंकड़ों में इसका असर दिखना शुरू हो गया है। साल 2017 की अपेक्षा 2018 में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों में 32.8 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। वन अधिनियम के मामलों में भी 42 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि हुई है।
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पुलिस प्रवक्ता डॉ. खुशहाल शर्मा ने बताया कि साल 2017 की अपेक्षा 2018 में जहां महिला अपराध, हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती जैसे जघन्य अपराधों में कमी आई है, वहीं पुलिस की संवेदनशीलता के चलते गुमशुदगी के हर मामले में अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है। शर्मा ने बताया कि साल 2018 में कुल 19595 अभियोग पंजीकृत हुए जबकि साल 2017 में 17804 मामले दर्ज हुए।
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अभियोगों में वृद्धि से साफ है कि जघन्य अपराध रोकने के साथ ही हिमाचल पुलिस नशे और वन अपराध पर अंकुश लगाने में खासी सफल रही है। पीड़ितों के लिए एसएमएस, व्हट्स एल व ई मेल जैसे माध्यमों को शुरू किया गया है। लोगों को अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए ट्विटर, यू ट्यूब और फेसबुक जैसे माध्यमों का भी सहारा लिया जा रहा है।
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अपराध दर में हिमाचल 24वें स्थान पर
पड़ोसी राज्यों की तुलना में राष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल प्रदेश अपराध दर में 24वें स्थान पर है जबकि हरियाणा 6वें, चंडीगढ़ 11वें, जम्मू एवं कश्मीर 16वें, उत्तर प्रदेश17वें व पंजाब 22वें स्थान पर है। पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि साल 2019 में भी पुलिस साल भर अभियान चलाकर और सख्त कार्रवाई करेगी ताकि इस बुराई पर अंकुश लगाया जा सके।
क्या कहते हैं आंकड़े
अपराध 2018 2017
हत्या 98 99
हत्या का प्रयास 58 69
डकैती 01 03
महिला अत्याचार 183 191
महिला छेड़छाड़ 515 --
सड़क हादसे 3118 3120
एनडीपीएस 1342 1010
गुड़िया हेल्पलाइन बनी सहारा
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि महिलाओं को शिकायत दर्ज कराने के लिए गुड़िया हेल्पलाइन शुरू की गई। 26 जनवरी 2018 से 31 दिसंबर तक 3757 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 3284 शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है। वहीं, महिलाओं की सुविधा के लिए 11 महिला पुलिस थाने पूर्ण रूप से कार्य कर रहे हैं।