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114 साल पुरानी धरोहर से रूबरू हुए शिमला के स्कूली बच्चे
Sat, 16 Feb 2019 11:49 AM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 16 Feb 2019 11:49 AM IST
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उत्तर रेलवे के अंबाला रेल मंडल की ओर से शुक्रवार को स्टीम धरोहर यात्रा का आयोजन किया गया। इस दौरान शिमला के 30 स्कूली बच्चे स्टीम इंजन के साथ शिमला रेलवे स्टेशन से कैथलीघाट तक रवाना हुए। यात्रा शुरू होने से पहले स्कूली बच्चों और रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों ने पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा।
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स्टीम धरोहर यात्रा के दौरान डिवीजनल मेकेनिकल इंजीनियर अंबाला आदित्य शर्मा ने स्कूली बच्चों को हेरिटेज रेल लाइन के सरंक्षण के प्रति उनकी जिम्मेवारी को लेकर अवगत करवाया। इस यात्रा के लिए स्टीम इंजन के साथ एफसीजेड और एसएलआर कोच जोड़े गए थे। स्टीम इंजन सुबह 11:30 बजे बच्चों को लेकर शिमला से कैथलीघाट रवाना हुआ और करीब 1:30 बजे कैथलीघाट पहुंचा। 3:15 बजे स्टीम इंजन कैथलीघाट से वापस लौटा और शाम 4:30 बजे शिमला पहुंचा। इस मौके पर शिमला रेलवे स्टेशन में रेलवे हेरिटेज प्रदर्शनी भी लगाई गई जिसमें कालका शिमला रेलवे से संबंधित 40 चित्र प्रदर्शित किए गए।
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उत्तर रेलवे अंबाला मंडल की ओर से शिमला से कैथलीघाट तक आयोजित स्टीम धरोहर यात्रा में 30 स्कूली बच्चों ने भाग लिया। इस दौरान बच्चों को धरोहरों के सरंक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। -प्रिंस सेठी स्टेशन अधीक्षक शिमला रेलवे स्टेशन
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स्टीम धरोहर यात्रा को लेकर बच्चों में गजब का उत्साह
शिमला से कैथलीघाट तक आयोजित की गई टीम धरोहर यात्रा के दौरान शिमला के स्कूली बच्चों में गजब का उत्साह देखने को मिला। डीएवी लक्कड़ बाजार स्कूल की छात्रा वंशिका, तनीषा ने बताया कि इस तरह की यात्रा में जाने का यह उनका पहला अनुभव है। इसी स्कूल के छात्र अरमान और आर्य समाज स्कूल की छात्रा संजना ने बताया कि स्टीम इंजन को उन्होंने पहली बार चलते हुए देखा।