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एमए अर्थशास्त्र में विदेशी छात्रों को छूट
Updated Wed, 24 Jan 2018 12:18 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। प्रदेश विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद की स्टेंडिंग काउंसिल के फैसले को कार्यकारी परिषद की विशेष बैठक में अंतिम मंजूरी दी गई है। विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग में पढ़ रहे अफगानिस्तान के छात्रों की मांग के अनुरूप एमए कोर्स में भारतीय अर्थव्यवस्था विषय नहीं पढ़ना पड़ेगा। इन छात्रों को विश्वविद्यालय विश्व की अर्थव्यवस्था से संबंधित किसी विषय पर डेजेटेशन प्रोजेक्ट देगा। एमफिल कोर्स की तर्ज पर इस प्रोजेक्ट का मूल्यांकन कर उन्हें अंक दिए जाएंगे। पीजी की इस डिग्री की अंक तालिका में भारतीय अर्थव्यवस्था और डेजेटेशन का विकल्प विदेशों से विवि आ कर पढ़ने वाले छात्रों के पास रहेगा। एचपीयू के पूर्व छात्र रहे अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई के बाद विश्वविद्यालय में अफगानिस्तान के छात्र पढ़ाई करने आते हैं। अर्थशास्त्र विभाग में पढ़ने वाले अफगानिस्तान के ही छात्रों ने इस मामले को उठाया था। इसमें उन्होंने तर्क दिया था कि उनका अलग देश है, तो उन्हें भारतीय अर्थव्यवस्था के पीजी कोर्स में शामिल विषय को पढ़ने का कोई लाभ नहीं है। इसे हटाकर कुछ और पढ़ाया जाए। इस पर विवि की अकादमिक परिषद की स्टेंडिंग कमेटी में मामला मंजूर हुआ। अंत में इसे अब ईसी से भी मंजूरी मिल चुकी है।
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छात्रों की मांग पर फैसला : डॉ. नेगी
विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी ने माना कि विदेशी छात्रों की लंबे समय से यह मांग चली आ रही थी। जिसे ईसी ने मंजूरी दी है। इसी के मुताबिक डिग्री में भी आंशिक बदलाव होगा। यूजी के टूरिज्म ट्रेवल मैनेजमेंट कोर्स की डिग्री देने में पर्यावरण विज्ञान विषय न होने से डिग्री देने में कुछ मुश्किलें आ रही थी। पर्यावरण विज्ञान यूजी को अनिवार्य विषय था। इसलिए इस कोर्स में भी अब पर्यावरण विज्ञान को विषय के रूप में पढ़ाना अनिवार्य किया गया है।
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शिमला। प्रदेश विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद की स्टेंडिंग काउंसिल के फैसले को कार्यकारी परिषद की विशेष बैठक में अंतिम मंजूरी दी गई है। विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग में पढ़ रहे अफगानिस्तान के छात्रों की मांग के अनुरूप एमए कोर्स में भारतीय अर्थव्यवस्था विषय नहीं पढ़ना पड़ेगा। इन छात्रों को विश्वविद्यालय विश्व की अर्थव्यवस्था से संबंधित किसी विषय पर डेजेटेशन प्रोजेक्ट देगा। एमफिल कोर्स की तर्ज पर इस प्रोजेक्ट का मूल्यांकन कर उन्हें अंक दिए जाएंगे। पीजी की इस डिग्री की अंक तालिका में भारतीय अर्थव्यवस्था और डेजेटेशन का विकल्प विदेशों से विवि आ कर पढ़ने वाले छात्रों के पास रहेगा। एचपीयू के पूर्व छात्र रहे अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई के बाद विश्वविद्यालय में अफगानिस्तान के छात्र पढ़ाई करने आते हैं। अर्थशास्त्र विभाग में पढ़ने वाले अफगानिस्तान के ही छात्रों ने इस मामले को उठाया था। इसमें उन्होंने तर्क दिया था कि उनका अलग देश है, तो उन्हें भारतीय अर्थव्यवस्था के पीजी कोर्स में शामिल विषय को पढ़ने का कोई लाभ नहीं है। इसे हटाकर कुछ और पढ़ाया जाए। इस पर विवि की अकादमिक परिषद की स्टेंडिंग कमेटी में मामला मंजूर हुआ। अंत में इसे अब ईसी से भी मंजूरी मिल चुकी है।
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छात्रों की मांग पर फैसला : डॉ. नेगी
विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी ने माना कि विदेशी छात्रों की लंबे समय से यह मांग चली आ रही थी। जिसे ईसी ने मंजूरी दी है। इसी के मुताबिक डिग्री में भी आंशिक बदलाव होगा। यूजी के टूरिज्म ट्रेवल मैनेजमेंट कोर्स की डिग्री देने में पर्यावरण विज्ञान विषय न होने से डिग्री देने में कुछ मुश्किलें आ रही थी। पर्यावरण विज्ञान यूजी को अनिवार्य विषय था। इसलिए इस कोर्स में भी अब पर्यावरण विज्ञान को विषय के रूप में पढ़ाना अनिवार्य किया गया है।
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