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मनकोटिया
Updated Tue, 01 Aug 2017 11:54 PM IST
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धर्मशाला। पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने कहा कि गुडिय़ा प्रकरण
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को ले डूूबेगा। मनकोटिया ने आरोप लगाया कि
खबरें ऐसी भी उड़ीं कि गुडिय़ा के परिजनों का पैसे देकर मुंह बंद करने की
कोशिश की गई। कांग्रेस सुशासन देती रही है लेकिन सीएम वीरभद्र सिंह ने
अपने इस कार्यकाल में सारी हदें पार कर दी हैं। शिमला में सुलगी आग चंबा
जा पहुंची है। जब चंबा में हिंसा भड़की तो सीएम वहां मौजूद थे लेकिन
लोगों से शांति बनाए रखने का आह्वान करने के बजाए वह वहां से भाग आए।
मनकोटिया ने सीएम और उनसे जुड़े कुछ नेताओं को चेतावनी दी कि उन पर अनाप
शनाप आरोप लगाने की चेष्टा करें वरना अगर उनका मुंह खुला तो सीएम समेत उन
नेताओं को मुंह छिपाने की जगह नहीं मिलेगी। उन्होंने सीबीआई से जांच के
दौरान वीरभद्र सिंह का भी नार्को और पोलियोग्राफ टेस्ट करवाने की मांग की
है। मनकोटिया ने कहा कि परिवहन मंत्री जीएस बाली और मैं दीवाने जरूर होंगे लेकिन सीएम वीरभद्र सिंह की तरह हम दोनों जमानत पर नहीं हैं। हम दोनों पर
किसी तरह के आपराधिक मामले दर्ज नहीं हैं और न ही हम किसी मामले में आरोपी हैं।
पुराने तथाकथित सीडी मामले पर उन्होंने कहा कि उस दौरान वीरभद्र सिंह के
शपथ ग्रहण समारोह से एक दिन पहले मुझ पर सीएम के निजी सचिव सुभाष
आहलुवालिया की ओर से मुख्यमंत्री को बचाने के लिए बयान बदलने को लेकर
दबाव बनाया गया था। आहलुवालिया मेरे पास एक पत्र लेकर आए थे। उसमें करीब
पांच तरह के बयान लिखे थे, जिन्हें बोलने के लिए मुझ पर दबाव बनाया जा रहा
था। वह पत्र मेरे पास आज भी है। उस सीडी मामले को दोबारा खोलकर सीबीआई से
जांच करवाई जानी चाहिए।
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को ले डूूबेगा। मनकोटिया ने आरोप लगाया कि
खबरें ऐसी भी उड़ीं कि गुडिय़ा के परिजनों का पैसे देकर मुंह बंद करने की
कोशिश की गई। कांग्रेस सुशासन देती रही है लेकिन सीएम वीरभद्र सिंह ने
अपने इस कार्यकाल में सारी हदें पार कर दी हैं। शिमला में सुलगी आग चंबा
जा पहुंची है। जब चंबा में हिंसा भड़की तो सीएम वहां मौजूद थे लेकिन
लोगों से शांति बनाए रखने का आह्वान करने के बजाए वह वहां से भाग आए।
मनकोटिया ने सीएम और उनसे जुड़े कुछ नेताओं को चेतावनी दी कि उन पर अनाप
शनाप आरोप लगाने की चेष्टा करें वरना अगर उनका मुंह खुला तो सीएम समेत उन
नेताओं को मुंह छिपाने की जगह नहीं मिलेगी। उन्होंने सीबीआई से जांच के
दौरान वीरभद्र सिंह का भी नार्को और पोलियोग्राफ टेस्ट करवाने की मांग की
है। मनकोटिया ने कहा कि परिवहन मंत्री जीएस बाली और मैं दीवाने जरूर होंगे लेकिन सीएम वीरभद्र सिंह की तरह हम दोनों जमानत पर नहीं हैं। हम दोनों पर
किसी तरह के आपराधिक मामले दर्ज नहीं हैं और न ही हम किसी मामले में आरोपी हैं।
पुराने तथाकथित सीडी मामले पर उन्होंने कहा कि उस दौरान वीरभद्र सिंह के
शपथ ग्रहण समारोह से एक दिन पहले मुझ पर सीएम के निजी सचिव सुभाष
आहलुवालिया की ओर से मुख्यमंत्री को बचाने के लिए बयान बदलने को लेकर
दबाव बनाया गया था। आहलुवालिया मेरे पास एक पत्र लेकर आए थे। उसमें करीब
पांच तरह के बयान लिखे थे, जिन्हें बोलने के लिए मुझ पर दबाव बनाया जा रहा
था। वह पत्र मेरे पास आज भी है। उस सीडी मामले को दोबारा खोलकर सीबीआई से
जांच करवाई जानी चाहिए।