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मानसून की छुट्टियों के बाद भी दहशत में बच्चे, नहीं आए स्कूल

Fri, 28 Jul 2017 09:50 PM IST
Updated Fri, 28 Jul 2017 09:50 PM IST
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मानसून की छुट्टियों के बाद भी दहशत में बच्चे, नहीं आए स्कूल
अमर उजाला ब्यूरो
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दांदी जंगल (कोटखाई)।
मानसून की एक सप्ताह की छुट्टियों के बाद बेशक वीरवार को सभी स्कूल खुल गए हों, मगर जिस स्कूल में गुड़िया पढ़ती थी, उसमें पढ़ रहे बच्चों में दहशत अभी कम नहीं हुई है। गुड़िया के गांव से उसके अलावा पांच अन्य बच्चे स्कूल आते थे। वीरवार को इनमें से कोई भी नहीं आया। शुक्रवार को इन बच्चों में से दो ही बच्चे अपने एक शिक्षक के साथ स्कूल आए। अपने क्षेत्र के इसी शिक्षक के साथ ये बच्चे गुड़िया को साथ लेकर स्कूल आते थे।
गुड़िया जिंदा थी तो इस स्कूल में कुल 94 बच्चे थे। इनमें 53 लड़के और 41 लड़कियां थीं। अब लड़कियां केवल 40 रह गई हैं। पांच जुलाई के बाद एक अन्य छात्र ने दाखिला लिया है। इसके बाद लड़कों की संख्या 54 हो गई है। कुल बच्चे पहले की तरह ही 94 ही हैं। पहले गुड़िया के साथ उसके क्षेत्र से जंगल के रास्ते से केवल पांच अन्य बच्चे स्कूल आते थे। ये पांचों लड़के हैैं। छठी गुड़िया थी। एक कंप्यूटर शिक्षक भी इनके साथ जाते थे। छह तारीख को गुड़िया के साथ हुई दरिंदगी के बाद से ये छात्र सदमे से उबर नहीं पाए हैं। स्कूल परिसर में अजब सा सन्नाटा है। बच्चों के साथ शिक्षक भी मातम के माहौल से बाहर नहीं आ पाए हैं। जब भी साथ लगते वन विश्राम गृह या स्कूल मैदान में कोई बाहरी गाड़ी आती है तो चौंक जाते हैं।
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प्रिंसिपल बोले - बच्चों की लगातार काउंसलिंग जारी
प्रधानाचार्य अनिल पराशर ने कहा कि स्कूल में बच्चों की काउंसलिंग लगातार जारी है। स्वयंसेवी संस्था के प्रतिनिधि भी इसमें आ रहे हैं। खासकर छात्राओं को उनकी सुरक्षा के गुर बताए जा रहे हैं। छात्राओं की माताओं को भी स्कूल के लिए बुलाया जा रहा है।
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ऐसा कोई बच्चा नहीं, जो जंगल से होकर नहीं आता
यह स्कूल बीच जंगल में है। चारों ओर घना जंगल है। जो भी बच्चे स्कूल आते हैं, उन्हें जंगल को पार करना ही होता है। बेशक, जंगल थोड़ा ही लगता हो। ऐसा कोई भी बच्चा नहीं है, जो जंगल के रास्ते से न आता हो।

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स्कूल टाइम से पहले और बाद इस्तेमाल कर पाएंगे मोबाइल फोन
बेशक बच्चों के लिए मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर मनाही हो, मगर इस स्कूल के सभी बच्चों को स्कूल पहुंचने तक और स्कूल से लौटने के बाद मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई है। सूत्रों ने बताया कि सरकार के आदेश भी माने जाएंगे। यानी, स्कूल में भीतर बच्चे फोन नहीं ला पाएंगे, मगर स्कूल टाइम से पहले और बाद में यानी घर से स्कूल आने और स्कूल से घर जाने तक वे मोबाइल फोन रख सकेंगे। दिन को ये मोबाइल फोन प्रिंसिपल के पास जमा करने होंगे। बताया जा रहा है कि वीरवार को शिक्षा महकमे के एक अधिकारी ने स्कूल का दौरा किया था और इस बारे में भी उनसे चर्चा की गई थी।
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