30 हजार अवैध भवन होंगे नियमित, अध्यादेश लाएगी सरकार
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हिमाचल सरकार प्रदेश भर में 30 हजार अवैध भवनों को नियमित करने जा रही है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि सरकार नई रिटेंशन पॉलिसी को लागू करने के लिए अध्यादेश ला रही है। अवैध भवनों को एकमुश्त नियमित किया जाएगा। उसके बाद किसी को छूट नहीं मिलेगी।
सीएम के इस एलान के बाद माना जा रहा है कि शुक्रवार सुबह 11:00 बजे होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में इस मामले में कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने यह एलान वीरवार को शिमला नगर निगम के विकासनगर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए किया।
उन्होंने कहा कि सरकार शीघ्र ही अवैध भवनों को एक तय सीमा तक नियमित करने के लिए रिटेंशन पॉलिसी को लागू करने के लिए अध्यादेश लेकर आएगी। एकमुश्त राहत देने के बाद नियमों एवं अधिनियमों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। भविष्य में किसी भी हालत में कोई छूट नहीं दी जाएगी।
30 हजार अवैध भवन मालिकों को होगा फायदा
वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी शहरों के सौंदर्यीकरण और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर विशेष ध्यान दे रही है। शिमला सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों में अवैध निर्माण हुआ है। भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील अवैध निर्माण जोखिम भरे हैं।
हालांकि, सीएम ने यह भी कहा कि इस तरह के मामलों पर काफी पहले कार्रवाई की जानी चाहिए थी, लेकिन सरकार भविष्य में अवैध निर्माण को लेकर कोई समझौता नहीं करेगी। हिमाचल के 30 हजार अवैध भवन मालिकों को इसका फायदा होगा। अभी इन अवैध भवन मालिकों को बिजली-पानी व्यावसायिक तौर पर दिया जा रहा है।
तीन बार आ चुकी है यह पॉलिसी
वर्ष 2002 में करीब 1100 अवैध भवनों को नियमित किया गया। 2005 और 2007 में 40 फीसदी अवैध भवनों को नियमित करने के लिए पालिसी लाई गई लेकिन इसमें कुछेक लोगों को ही फायदा मिला।