निवेश की 228 परियोजनाओं के एमओयू कर चुकी है हिमाचल सरकार: जयराम
हिमाचल सरकार ने पिछले कुछ महीनों में 27,515 करोड़ के निवेश की 228 परियोजनाओं के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को सचिवालय में हिम प्रगति पोर्टल की दूसरी समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी।
कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में निवेशक राज्य में निवेश के लिए आगे आए हैं। कहा कि उद्यमियों को सुविधाएं देने में किसी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। ऐसा करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश में चल रही परियोजनाओं को समयबद्ध आधार पर पूरा करना तथा उनकी गुणवत्ता पर नजर रखना बड़ा आवश्यक है। सरकार का यह एक ऐसा पोर्टल है, जहां निवेशक अपनी परियोजनाओं की जानकारी ले सकते हैं।
सीएम ने कहा कि संबंधित विभागों को निवेशकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने और उन्हें तीव्र स्वीकृतियां देने का जिम्मा सौंपा है। मुख्यमंत्री ने आशा जताई कि सरकार के प्रयास सफल होंगे और 7 और 8 नवंबर को हो रही ग्लोबल इनवेस्टर मीट के लिए निर्धारित 85 हजार करोड़ रुपये के निवेश के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकेगा।
सीएम ने लोक निर्माण विभाग को मनाली के समीप सासे हेलीपैड का निर्माण कार्य तेज करने करने के निर्देश दिए। सरकार की इस हेलीपैड से रोहतांग पास के लिए जॉय राइड शुरू करने की योजना है। इसके लिए हेलीकॉप्टर खरीद लिए हैं।
ग्राम पंचायतों से एनओसी लेने की प्रथा होगी बंद
मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने बताया कि उद्योग विभाग ने 122 परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें 57 परियोजनाओं पर कार्य शुरू हो चुका है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार निवेशकों परियोजनाएं लागू करने में हरसंभव सहायता देगी। बैठक में उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग मनोज कुमार, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय कुंडू के अलावा विभिन्न विभागों के सचिव व विभागाध्यक्ष मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ग्राम पंचायतों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की प्रथा बंद करने पर भी विचार करेगी। इससे विकास परियोजनाओं को आरंभ करने में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग को विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लिए लैंड बैंक बनाने, राजस्व विभाग को प्रॉपर्टी डीलरों के साथ उपलब्ध भूमि को चिह्नित करने के लिए बैठक करने, टीसीपी विभाग को भूमि विकास के लिए सभी अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के मामले सरकार को प्रेषित करने के निर्देश दिए।