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आईजीएमसी में सरकारी ड्यूटी पर लगा दी कर्मचारी की निजी गाड़ी

Tue, 07 May 2019 11:29 AM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 07 May 2019 11:29 AM IST
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आईजीएमसी में सरकारी कर्मचारी के नाम पर लगा दी प्राइवेट गाड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
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शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी की निजी गाड़ी को अस्पताल प्रशासन सरकारी काम के लिए इस्तेमाल कर रहा है। यह गाड़ी पिछले डेढ़ महीने से अधिक समय से वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक के साथ अटैच की है। सरकारी काम के लिए एमएस जहां भी जाते हैं, इसी गाड़ी का इस्तेमाल करते हैं। नियमों से यह काम किसी बेरोजगार व्यक्ति को दिए जाना चाहिए।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में यह पहला मौका है जब अस्पताल प्रबंधन ने नियमों की धज्जियां उड़ाकर अपने ही कर्मचारी को फायदा पहुंचाने का काम किया है। नियमों के मुताबिक अस्पताल में टैक्सी नंबर की गाड़ियों को इस्तेमाल के लिए लगाया जाता है। लेकिन इस बार प्रबंधन ने जो लापरवाही बरती है वह सबको चौंकाने वाली है। टेंडर प्रक्रिया में चार फर्मों ने हिस्सा लिया था। सूत्र बताते हैं कि फाइनेंशियल बिड में बाकी लोगों को बाहर कर दिया। चहेते की गाड़ी को 39,500 रुपये प्रति महीने पर हायर कर लिया। लोगों ने प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है कि आखिर कैसे पांच सौ रुपये के कम अंतराल में एक सरकारी कर्मचारी के नाम पर एमएस को गाड़ी सरकारी कार्यों के लिए लगा दी गई। सूत्र बताते हैं कि सरकारी कर्मचारी को टैक्सी नंबर नहीं मिलता है। यह गाड़ी प्राइवेट है, लेकिन अस्पताल में कामर्शियल इस्तेमाल के लिए प्राइवेट नंबर की गाड़ी को चलाया जा रहा है।
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इमरजेंसी वाहन भी प्राइवेट नंबर वाला
डॉक्टरों को आईजीएमसी से केएनएच ले जाने के लिए भी निजी नंबर की गाड़ी का इस्तेमाल हो रहा है। यह भी टैक्सी नंबर की गाड़ी होनी चाहिए। इस गाड़ी को भी तीस हजार आठ सौ 61 रुपये प्रति महीना दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि जिस व्यक्ति की यह गाड़ी लगाई गई वह भी अस्पताल प्रबंधन के चहेतों में से एक है।
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यह भी उठा सवाल
टेंडर प्रक्रिया में किस तरह एक सरकारी कर्मचारी की गाड़ी को शामिल कर लिया गया इसे लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं। क्या टेंडर प्रक्रिया में इस बात को छुपाया गया कि यह गाड़ी किसी अस्पताल के ही कर्मचारी की है, इस तरह के सवालों का हल अब अस्पताल प्रबंधन को तलाशना होगा। सूत्र बताते हैं कि इसी तरह अस्पताल में इमरजेंसी वाहन जोकि डॉक्टरों को कॉल पर लाने और ले जाने के लिए इस्तेमाल की जाती है वह भी निजी नंबर की गाड़ी है।
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