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चौथे दिन पानी देने में फेल एमसी 24 घंटे सप्लाई के दिखा रहा सब्जबाग
Updated Thu, 10 May 2018 09:23 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। पेयजल संकट से जूझ रहे शहर के तीन वार्डों को अब नगर निगम ने 24 घंटे पानी देने का सपना दिखाया है। दावा किया जा रहा है कि इसी साल के अंत तक इन वार्डों में रोज पानी मिलने लगेगा। निगम प्रशासन ने इसके टेंडर भी जारी कर दिए हैं, लेकिन जिन इलाकों में अभी पांचवें और छठे दिन पानी आ रहा है, वहां बिना लिफ्टिंग बढ़ाए कैसे रोज पानी आएगा, इस पर बड़ा सवाल खड़ा होे गया है।
दरअसल सतलुज वाटर प्रोजेक्ट को लेकर वर्ल्ड बैंक को अपनी तैयारियां दिखाने के लिए निगम ने यह योजना तैयार की है। इसके तहत संजौली, इंजनघर और टुटू वार्ड में लोगों को 24 घंटे पानी देने का दावा है। इसके लिए तीनों वार्डों में नए स्टोरेज टैंक, नई पाइप लाइनें और नए मीटर लगाए जाएंगे। इस साल के अंत तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा। योजना यदि कामयाब रहती है तो पूरे शहर में इसे लागू किया जाएगा। लेकिन सवाल उठता है कि बिना लिफ्टिंग बढ़ाए कैसे रोज पानी देना संभव होगा।
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रोज पानी के लिए तीन एमएलडी की जरूरत
निगम का दावा है कि इन तीनों वार्डों में रोज पानी देने के लिए करीब तीन एमएलडी की जरूरत पड़ेगी। निगम ने बाकायदा इन वार्डों में सर्वे करवाया है। निगम प्रशासन का कहना है कि परियोजनाओं की पाइपलाइन में लीकेज रोकने के बाद पानी की उपलब्धता बढ़ेगी जिससे इन वार्डों में रोज पानी दिया जा सकेगा। नगर निगम आयुक्त रोहित जमवाल का कहना है कि सर्वेक्षण के बाद ही योजना का खाका तैयार किया गया है। इसके टेंडर कर दिए हैं। उम्मीद है दिसंबर से इसे लागू किया जा सकेगा।
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सपना पूरा हो न हो महंगा पानी जरूर पीना पड़ेगा
इन तीनों ही वार्डों में 24 घंटे पानी का सपना पूरा हो न हो, लेकिन इस साल के अंत तक इन वार्डों के हजारों लोगों को फ्लैट रेट पर ही पानी का बिल चुकाना पड़ेगा। निगम शहर के 31 वार्डों में मई से ही मीटर रीडिंग पर बिल देने का दावा कर रहा है। लेकिन इन तीन वार्डों में दिसंबर के बाद ही मीटर रीडिंग पर बिल जारी होंगे। लोगों को फ्लैट रेट पर पानी बिल का भुगतान करना पड़ेगा। निगम ने इन इलाकों में अभी नए मीटर भी नहीं लगाए हैं। नई लाइनें बिछने के बाद ही इन्हें मीटर रीडिंग की सुविधा दी जाएगी।
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शिमला। पेयजल संकट से जूझ रहे शहर के तीन वार्डों को अब नगर निगम ने 24 घंटे पानी देने का सपना दिखाया है। दावा किया जा रहा है कि इसी साल के अंत तक इन वार्डों में रोज पानी मिलने लगेगा। निगम प्रशासन ने इसके टेंडर भी जारी कर दिए हैं, लेकिन जिन इलाकों में अभी पांचवें और छठे दिन पानी आ रहा है, वहां बिना लिफ्टिंग बढ़ाए कैसे रोज पानी आएगा, इस पर बड़ा सवाल खड़ा होे गया है।
दरअसल सतलुज वाटर प्रोजेक्ट को लेकर वर्ल्ड बैंक को अपनी तैयारियां दिखाने के लिए निगम ने यह योजना तैयार की है। इसके तहत संजौली, इंजनघर और टुटू वार्ड में लोगों को 24 घंटे पानी देने का दावा है। इसके लिए तीनों वार्डों में नए स्टोरेज टैंक, नई पाइप लाइनें और नए मीटर लगाए जाएंगे। इस साल के अंत तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा। योजना यदि कामयाब रहती है तो पूरे शहर में इसे लागू किया जाएगा। लेकिन सवाल उठता है कि बिना लिफ्टिंग बढ़ाए कैसे रोज पानी देना संभव होगा।
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रोज पानी के लिए तीन एमएलडी की जरूरत
निगम का दावा है कि इन तीनों वार्डों में रोज पानी देने के लिए करीब तीन एमएलडी की जरूरत पड़ेगी। निगम ने बाकायदा इन वार्डों में सर्वे करवाया है। निगम प्रशासन का कहना है कि परियोजनाओं की पाइपलाइन में लीकेज रोकने के बाद पानी की उपलब्धता बढ़ेगी जिससे इन वार्डों में रोज पानी दिया जा सकेगा। नगर निगम आयुक्त रोहित जमवाल का कहना है कि सर्वेक्षण के बाद ही योजना का खाका तैयार किया गया है। इसके टेंडर कर दिए हैं। उम्मीद है दिसंबर से इसे लागू किया जा सकेगा।
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सपना पूरा हो न हो महंगा पानी जरूर पीना पड़ेगा
इन तीनों ही वार्डों में 24 घंटे पानी का सपना पूरा हो न हो, लेकिन इस साल के अंत तक इन वार्डों के हजारों लोगों को फ्लैट रेट पर ही पानी का बिल चुकाना पड़ेगा। निगम शहर के 31 वार्डों में मई से ही मीटर रीडिंग पर बिल देने का दावा कर रहा है। लेकिन इन तीन वार्डों में दिसंबर के बाद ही मीटर रीडिंग पर बिल जारी होंगे। लोगों को फ्लैट रेट पर पानी बिल का भुगतान करना पड़ेगा। निगम ने इन इलाकों में अभी नए मीटर भी नहीं लगाए हैं। नई लाइनें बिछने के बाद ही इन्हें मीटर रीडिंग की सुविधा दी जाएगी।