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बारिश और ओलों ने बरपाया कहर
Updated Fri, 09 Jun 2017 09:55 PM IST
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आनी (कुल्लू)।
क्षेत्र आनी में शुक्रवार सुबह करीब तीन बजे हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि से सड़कों और फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया। बिश्लाधार क्षेत्र में जगह-जगह राणाबाग-सेरी सड़क को क्षति पहुंची है। राणाबाग से करीब दो किमी आगे लोनिवि का डंगा ढह गया। इससे मुहान और बिश्लाधार आदि पंचायतों की ओर जाने वाले लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
क्षेत्र के हरीश शर्मा, चमन ठाकुर, पप्पू सत्या, ओमी जान आदि का कहना है कि सुबह भारी बारिश से गांव के संपर्क मार्ग की अधिकतर मिट्टी बह गई। इससे मुख्य मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि सड़क से छोटे वाहनों की आवाजाही हो रही है। लेकिन बडे़ वाहन डंगा ढहने से आवाजाही नहीं कर पा रहे। उन्होंने लोनिवि से मांग उठाई है कि जल्द बडे़ वाहनों की आवाजाही के लिए सड़क बहाल कर दी जाए। उधर, लोक निर्माण विभाग के एसडीओ आनी पीडी कश्यप का कहना है कि सड़क को बहाल करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
उधर, निरमंड के चायल पंचायत में सुबह करीब आधे घंटे तक हुई भारी ओलावृष्टि ने सेब बागवानों की फसल को तबाह कर रख दिया। यहां के सगोफा, जरोट, बसवारी, बडारी, दवाह, ठारला, कलौटी, कलौट, आदि गांव के तेलूराम, जीवन, बुद्धि सिंह, बालकृष्ण, काहनचंद, मीनेराम, मोहर सिंह, दौलतराम, डावेराम, भोगेराम, लीलादत्त आदि का कहना है कि आधे घंटे तक हुई भारी ओलावृष्टि ने सेब की पूरी फसल को तबाह कर रख दिया है। सेब के पत्ते और टहनियों की खाले तक छिल गई है। उन्होंने कहा कि उनकी पूरे साल भर की मेहनत पर ओलों ने कहर ढा दिया है। इससे लाखों रुपये का नुकसान हो गया है। उन्होंने प्रदेश सरकार तथा स्थानीय प्रशासन से मांग उठाई है कि उनके हुए नुकसान का जायजा लेकर आकलन किया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। उधर, चायल पंचायत के प्रधान जगदीश ने बताया कि ओलावृष्टि से पंचायत में कई जगह सेब की फसल को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि जल्द प्रशासन को इस बारे में अवगत करवाकर नुकसान का आकलन करवाने की मांग की जाएगी।
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क्षेत्र आनी में शुक्रवार सुबह करीब तीन बजे हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि से सड़कों और फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया। बिश्लाधार क्षेत्र में जगह-जगह राणाबाग-सेरी सड़क को क्षति पहुंची है। राणाबाग से करीब दो किमी आगे लोनिवि का डंगा ढह गया। इससे मुहान और बिश्लाधार आदि पंचायतों की ओर जाने वाले लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
क्षेत्र के हरीश शर्मा, चमन ठाकुर, पप्पू सत्या, ओमी जान आदि का कहना है कि सुबह भारी बारिश से गांव के संपर्क मार्ग की अधिकतर मिट्टी बह गई। इससे मुख्य मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि सड़क से छोटे वाहनों की आवाजाही हो रही है। लेकिन बडे़ वाहन डंगा ढहने से आवाजाही नहीं कर पा रहे। उन्होंने लोनिवि से मांग उठाई है कि जल्द बडे़ वाहनों की आवाजाही के लिए सड़क बहाल कर दी जाए। उधर, लोक निर्माण विभाग के एसडीओ आनी पीडी कश्यप का कहना है कि सड़क को बहाल करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
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उधर, निरमंड के चायल पंचायत में सुबह करीब आधे घंटे तक हुई भारी ओलावृष्टि ने सेब बागवानों की फसल को तबाह कर रख दिया। यहां के सगोफा, जरोट, बसवारी, बडारी, दवाह, ठारला, कलौटी, कलौट, आदि गांव के तेलूराम, जीवन, बुद्धि सिंह, बालकृष्ण, काहनचंद, मीनेराम, मोहर सिंह, दौलतराम, डावेराम, भोगेराम, लीलादत्त आदि का कहना है कि आधे घंटे तक हुई भारी ओलावृष्टि ने सेब की पूरी फसल को तबाह कर रख दिया है। सेब के पत्ते और टहनियों की खाले तक छिल गई है। उन्होंने कहा कि उनकी पूरे साल भर की मेहनत पर ओलों ने कहर ढा दिया है। इससे लाखों रुपये का नुकसान हो गया है। उन्होंने प्रदेश सरकार तथा स्थानीय प्रशासन से मांग उठाई है कि उनके हुए नुकसान का जायजा लेकर आकलन किया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। उधर, चायल पंचायत के प्रधान जगदीश ने बताया कि ओलावृष्टि से पंचायत में कई जगह सेब की फसल को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि जल्द प्रशासन को इस बारे में अवगत करवाकर नुकसान का आकलन करवाने की मांग की जाएगी।
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