इस शहर को स्मार्ट सिटी बनाने पर खर्च होंगे 2100 करोड़ रुपये, 78 बस ठहराव बनेंगे
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हिमाचल के पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए 2100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि धर्मशाला स्मार्ट सिटी के लिए 2100 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी।
इससे न केवल शहर का कायाकल्प होगा बल्कि स्थानीय लोगों के साथ-साथ आने वाले पर्यटकों को भी विश्व स्तरीय मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। सीएम ने यह जानकारी धर्मशाला स्मार्ट सिटी की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।
उन्होंने कहा कि जलापूर्ति योजनाओं के लिए स्रोत और संयंत्र में वृद्धि तथा स्वचालन प्रक्रिया पर 29.73 करोड़ रुपये व्यय किए गए है। उन्होंने कहा कि ई. नगरपालिका पर कार्य जारी है जिसके अंतर्गत जनता को डिजिटलाइज्ड सार्वजनिक सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
परियोजना के तहत होंगे ये स्मार्ट काम
उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी में चार स्थानों पर 228 सीसीटीवी कैमरे और पर्यावरणीय सेंसर तथा 10 स्थानों पर ध्वनि विस्तार सेवा उपकरण लगाए जाएंगे। इस परियोजना के तहत स्मार्ट सड़कें, स्ट्रीट लाइटें और फुटपाथ सुविधा विकसित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए 33 स्थानों में स्मार्ट कियोस्क स्थापित किए जाएंगे। 22 स्थानों पर एकीकृत ऑनलाइन पार्किंग प्रणाली की सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि 78 बस ठहराव स्थलों पर यात्री सूचना प्रणाली की सुविधा प्रदान की जाएगी।
शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार इस परियोजना को समय पर पूर्ण करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी। स्मार्ट सिटी मिशन धर्मशाला के प्रबंध निदेशक संदीप कदम ने परियोजना पर प्रस्तुति दी। अतिरिक्त मुख्य सचिव तरुण कपूर ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे।