फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   निगम की लापरवाही से बढ़ रहा बंदरों का आतंक

निगम की लापरवाही से बढ़ रहा बंदरों का आतंक

Tue, 28 Aug 2018 11:12 PM IST
Updated Tue, 28 Aug 2018 11:12 PM IST
विज्ञापन
निगम की लापरवाही से बढ़ रहा बंदरों का आतंक
एमसी की लापरवाही से शहर में बढ़ा बंदरों का आतंक
विज्ञापन

बंदरों पर चल रहे सर्वे में खुलासे के बाद वन विभाग ने एमसी को लिखा पत्र
समय पर कूड़ा न उठने से बंदरों को मिल रहा भरपूर खाना, बढ़ रही संख्या
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर में बंदरों का आतंक बढ़ने के पीछे नगर निगम की लापरवाही भी बड़ा कारण साबित हो रही है। सार्वजनिक स्थानों से समय पर कचरा न उठने के कारण इन इलाकों में बंदरों की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है।
शहर में बंदरों को लेकर चल रहे सर्वेक्षण में यह खुलासा हुआ है। वन विभाग ने इसे लेकर नगर निगम को पत्र भी लिखा है। विभाग का कहना है कि यदि नगर निगम कचरा समय पर उठा दे तो बंदरों का आतंक भी कम हो जाएगा। सर्वे कर रही टीमों ने पाया कि उन इलाकों में बंदर ज्यादा हैं, जहां सुबह समय पर कचरा नहीं उठ रहा। सैहब सोसायटी के कर्मचारी घरों से तो सुबह आठ बजे तक कूड़ा एकत्र कर लेते हैं लेकिन फिर इन्हें सड़क किनारे जमा किया जा रहा है। गाड़ियों की कमी के चलते कई वार्डों में दोपहर तक कूड़ा नहीं उठता है। इससे बंदरों को खाने के लिए पर्याप्त चीजें मिल रही हैं। साथ ही ये कचरा भी बिखेर रहे हैं।
विज्ञापन

इन इलाकों में दूसरे क्षेत्रों के बंदर भी आकर्षित हो रहे हैं। आसानी से खाना मिलने के कारण ये बंदर उग्र भी हो रहे हैं। यदि वार्डों से सुबह ही कचरा उठा दिया जाए तो बंदर यहां से पलायन करना शुरू कर देंगे। वन विभाग ने पत्र के जरिये नगर निगम को इस बारे में ठोस कदम उठाने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पीसीसीएफ वन्य जीव आरसी कंग का कहना है कि बंदर ऐसे इलाकों की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जहां आसानी से खाना उपलब्ध हो रहा है। निगम को इस बारे में पत्र लिखा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed