ग्लेशियर की चपेट में आए पांच युवक, दो लापता
- शिवरात्रि पर मणिमहेश के लिए निकले थे, तीन ने भागकर बचाई जान
- भैरोघाटी में हादसा, बिना किसी पूर्व सूचना के मणिमहेश के लिए निकले थे
- तीन ने भरमौर पहुंचकर दी हादसे की सूचना
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शिवरात्रि पर मणिमहेश झील के दर्शन का हठ पांच युवकों को महंगा पड़ गया है। बिना किसी पूर्व सूचना के यात्रा पर निकले पांच सदस्यीय दल के दो सदस्य भैरोघाटी में ग्लेशियर की चपेट में आने से लापता हो गए हैं। लापता दोनों युवकों की पहचान विवेक उर्फ बैरी पुत्र राकेश कुमार निवासी भदरोता डलहौजी और विकास गुप्ता पुत्र सतीश गुप्ता निवासी बनीखेत के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार इस पांच सदस्यीय दल में विवेक और विकास के अलावा अमित महाजन पुत्र सुशील महाजन निवासी बनीखेत, नूतन लाल पुत्र लाल चंद निवासी तीसा और ओम प्रकाश पुत्र माधो राम एनएचपीसी कॉलोनी बनीखेत शामिल थे। यह दल हड़सर से सोमवार सुबह मणिमहेश पर्वत की ओर निकले।
करीब दस किलोमीटर की यात्रा पूरी करने के बाद यह दल भैरोघाटी में पहुंचा ही था कि अचानक ग्लेशियर की चपेट में आने से दो साथी गहरी खाई में लुढ़क गए। मौसम खराब होने और मौके पर भारी बर्फबारी शुरू होने की वजह से बाकी तीन सदस्यों ने जान बचाने में ही बेहतरी समझी और वे वहां से नीचे उतर आए। देर शाम हड़सर पहुंचे तीनों युवकों ने आपबीती स्थानीय लोगों को सुनाई और उसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को हादसे की सूचना दी।
एसडीएम बोले, प्रशासन ने नहीं दी किसी को इजाजत
मंगलवार सुबह पुलिस ने तीनों युवकों से कड़ी पूछताछ के बाद पुलिस के आठ जवान, छह बचाव दल के सदस्य, हड़सर के चार स्थानीय व्यक्ति और तीन सकुशल लौटे युवकों का एक ग्रुप बनाया और इसे हड़सर से भैरोघाटी के लिए रवाना किया गया है। इस ग्रुप के देर शाम तक वापस लौटने की उम्मीद है और उसके बाद ही पूरा मामला साफ हो पाएगा।
एसडीएम भरमौर डा. जितेंद्र कंवर ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही उन्होंने थाना प्रभारी की अगुवाई में गठित टीम को मौके पर भेज दिया है। पुलिस तीनों युवकों की निशानदेही पर लापता युवकों की तलाश कर रही है। उन्होंने कहा कि टीम के वापस लौटने के बाद ही इस दिशा में कोई दूसरा कदम उठाया जाएगा। जरूरत हुई तो हेलीकॉप्टर की मदद भी ली जा सकती है।
एसडीएम भरमौर डा. जितेंद्र कंवर का कहना है कि प्रशासन ने किसी भी व्यक्ति को मणिमहेश जाने की इजाजत नहीं दी है। इस मौसम में मणिमहेश पर्वत पर जाना जान जोखिम में डालना है। मार्ग में भारी बर्फ है और ग्लेशियर का खतरा भी बना हुआ है। लापता युवकों की तलाश के बाद इनके मणिमहेश जाने के संबंध में भी पूरी पड़ताल की जाएगी।