अब मानेरंग पीक को फतह करेंगी एवरेस्ट विजेता महिलाएं, 19 सदस्यीय दल रवाना
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ढाई दशक पूर्व एवरेस्ट फतेह कर चुकीं आठ भारतीय महिलाएं एक बार फिर पर्वतीय शिखर को फतेह करने रवाना हो गई हैं। एवरेस्ट अभियान के 25 साल पूरा होने के मौके पर महिला पर्वतारोहियों समेत अन्य सदस्यों का यह दल इस बार स्पीति की 21630 फीट उंची मानेरंग चोटी को फतेह करेगा।
दल में आठ महिलाओं सहित 19 सदस्य शामिल हैं, जो मनाली से स्पीति के लिए रवाना हो गए हैं। दल में एवरेस्ट को फतेह करने वाली मनाली की दीपू शर्मा, डिक्की डोलमा, राधा देवी, रीटा मारवाह, अनिता देवी, चावला जागीरदार, सविता धापवाल आदि हिस्सा ले रही हैं।
इन महिलाओं ने वर्ष 1993 में विश्व की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट को फतेह किया था। जिसकी 25वीं वर्षगांठ मनाने के लिए उन्होंने मानेरंग चोटी को मिलकर समूह में फतेह करने का निर्णय लिया है।
सभी महिलाओं की उम्र 40 वर्ष से अधिक है। अभियान में 1993 में एवरेस्ट विजेता राजीव शर्मा भी तकनीकी सलाहकार के तौर पर भाग ले रहे हैं। अभियान का नेतृत्व 1993 एवरेस्ट विजेता विमला नेगी कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि भारत के विभिन्न राज्यों के सदस्य भाग ले रहे हैं। यह अभियान 4 सप्ताह तक चलेगा। 25 वर्ष पूर्व अभियान एवरेस्ट को फतेह किया था। तब समझा जाता था कि भारतीय महिलाएं विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट ऐवरेस्ट को फतेह नहीं कर सकती हैं।
लेकिन दृढ़ निश्चय, मेहनत, परिवार के सहयोग से उन्होंने एवरेस्ट को फतेह कर दिखाया। गुजरात की अनुजा वैद्य ने बताया कि अभियान में नौ एवरेस्ट विजेता भाग ले रही हैं। हम सभी को एक-दूसरे से सीखने का मौका मिलेगा।