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निजी कॉलेज में प्रवेश अनियमितता पर मांगी जांच
Updated Fri, 05 Jan 2018 10:54 PM IST
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शिमला।
एसएफआई की विवि इकाई ने विवि से संबद्ध निजी कॉलेज में प्रवेश में हुई अनियमितता की जांच की मांग की है। इकाई अध्यक्ष जीवन ठाकुर और सचिव अनिल नेगी का आरोप है कि कॉलेज ने बिना सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी किए अपने स्तर पर ही बारह छात्राओं को प्रवेश दिया है। इसमें विवि के नियमों की अनदेखी की गई है। एसएफआई लगातार इस पूरे मामले की जांच की मांग कर रही है। कहा कि कॉलेज के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कुलपति के निर्देशों पर कॉलेज को नोटिस दिया गया, मगर प्रक्रिया अब ठप पड़ गई है। नोटिस का जवाब आए पांच दिन बीत चुके हैं। शुक्रवार को एसएफआई का प्रतिनिधिमंडल कुलपति प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान से फिर मिला और मामला उठाया। मांग की कि मामले की जांच को एक कमेटी तुरंत बनाई जाए। इसके लिए जिम्मेदार कॉलेज प्रशासन और विवि के अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जाए। जांच कमेटी में विवि का कोई भी अधिकारी सदस्य नहीं होना चाहिए। जांच कमेटी की रिपोर्ट को ईसी में ले जाया जाए और वहीं तय हो कि कॉलेज के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए। नेगी ने चेताया कि यदि जल्द जांच कमेटी न बनाई गई तो एसएफआई आंदोलन करेगी।
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एसएफआई की विवि इकाई ने विवि से संबद्ध निजी कॉलेज में प्रवेश में हुई अनियमितता की जांच की मांग की है। इकाई अध्यक्ष जीवन ठाकुर और सचिव अनिल नेगी का आरोप है कि कॉलेज ने बिना सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी किए अपने स्तर पर ही बारह छात्राओं को प्रवेश दिया है। इसमें विवि के नियमों की अनदेखी की गई है। एसएफआई लगातार इस पूरे मामले की जांच की मांग कर रही है। कहा कि कॉलेज के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कुलपति के निर्देशों पर कॉलेज को नोटिस दिया गया, मगर प्रक्रिया अब ठप पड़ गई है। नोटिस का जवाब आए पांच दिन बीत चुके हैं। शुक्रवार को एसएफआई का प्रतिनिधिमंडल कुलपति प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान से फिर मिला और मामला उठाया। मांग की कि मामले की जांच को एक कमेटी तुरंत बनाई जाए। इसके लिए जिम्मेदार कॉलेज प्रशासन और विवि के अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जाए। जांच कमेटी में विवि का कोई भी अधिकारी सदस्य नहीं होना चाहिए। जांच कमेटी की रिपोर्ट को ईसी में ले जाया जाए और वहीं तय हो कि कॉलेज के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए। नेगी ने चेताया कि यदि जल्द जांच कमेटी न बनाई गई तो एसएफआई आंदोलन करेगी।