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अभेद सुरक्षा घेरा
Updated Mon, 19 Jun 2017 10:48 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम शिमला का मेयर और डिप्टी मेयर चुनने के लिए सोमवार दोपहर को समर्थकों के अभेद सुरक्षा घेरे में पार्षद बचत भवन में पहुंचे। सोमवार को करीब सवा तीन बजे 14 पार्षदों को लेकर सबसे पहले कांग्रेस पहुंची। कांग्रेस के समर्थित पार्षदों की अगुवाई हरीश जनारथा और अनिरुद्ध सिंह ने की। हरीश जनारथा बचत भवन में पार्षदों को छोड़कर वापस आए गए जबकि निगम का एसोसिएट विधायक होने के नाते कसुम्पटी से विधायक अनिरुद्ध अंदर बैठे रहे। करीब साढ़े तीन बजे भाजपा के 19 समर्थित पार्षदों को लेकर सतपाल सत्ती, सुरेश भारद्वाज, डॉ. राजीव बिंदल, नरेंद्र बरागटा, गणेश दत्त, गोविंद राम शर्मा, महेंद्र धर्माणी, संजय सूद पहुंचे। जिस सुरक्षा घेरे में पार्षदों को बचत भवन में लाया गया था, उसी तर्ज पर पार्षदों को वापस ले जाया गया।
डीसी आफिस शिमला परिसर में सोमवार दोपहर तीन बजे से साढ़े पांच बजे हाई वोल्टेज ड्रामा चला। बचत भवन के भीतर जहां समर्थकों ने भाजपा-कांग्रेस के पक्ष में नारेबाजी की वहीं बाहर माहौल तनावपूर्ण बना रहा। दोनों दलों के समर्थक एक-दूसरे को घूरते दिखे। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा। पुलिस अधीक्षक डीडब्ल्यू नेगी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भजन नेगी पुलिस कर्मियों को हर गतिविधि पर नजर रखने लिए के लिए चौकस करते दिखे।
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पार्षदों से नहीं मिल सके पति-पत्नी और बच्चे
शिमला। भाजपा के समर्थित पार्षदों को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से पार्टी नेता अज्ञात स्थान पर लेकर गए हैं। सोमवार को जब यह पार्षद शिमला पहुंचे तो कड़ा सुरक्षा घेरा होने के चलते इन्हें अपने पति-पत्नी और बच्चों से भी मिलने नहीं दिया गया। कुछ महिला पार्षदों के पति और बच्चे उपायुक्त दफ्तर के परिसर में जुटी भीड़ में अलग से मायूस होकर खड़े दिखे। वहीं पुरुष पार्षदों की पत्नियां भी पति से बात करने का मौका नहीं मिलने से निराश दिखीं।
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हर पार्षद के पीछे खड़े रहे पांच-पांच भाजपा समर्थक
शिमला। बचत भवन के भीतर भाजपा के हर समर्थित पार्षद के पीछे पांच-पांच भाजपा समर्थक खड़े रहे। समर्थकों के साये में आए पार्षदों को इधर-उधर तक देखने का मौका भी नहीं दिया गया। समर्थकों ने बचत भवन में आते और जाते समय भी पार्षदों के इर्द गिर्द घेरा बनाए रखा। किसी को भी पार्षदों के नजदीक नहीं जाने दिया।
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शिमला। नगर निगम शिमला का मेयर और डिप्टी मेयर चुनने के लिए सोमवार दोपहर को समर्थकों के अभेद सुरक्षा घेरे में पार्षद बचत भवन में पहुंचे। सोमवार को करीब सवा तीन बजे 14 पार्षदों को लेकर सबसे पहले कांग्रेस पहुंची। कांग्रेस के समर्थित पार्षदों की अगुवाई हरीश जनारथा और अनिरुद्ध सिंह ने की। हरीश जनारथा बचत भवन में पार्षदों को छोड़कर वापस आए गए जबकि निगम का एसोसिएट विधायक होने के नाते कसुम्पटी से विधायक अनिरुद्ध अंदर बैठे रहे। करीब साढ़े तीन बजे भाजपा के 19 समर्थित पार्षदों को लेकर सतपाल सत्ती, सुरेश भारद्वाज, डॉ. राजीव बिंदल, नरेंद्र बरागटा, गणेश दत्त, गोविंद राम शर्मा, महेंद्र धर्माणी, संजय सूद पहुंचे। जिस सुरक्षा घेरे में पार्षदों को बचत भवन में लाया गया था, उसी तर्ज पर पार्षदों को वापस ले जाया गया।
डीसी आफिस शिमला परिसर में सोमवार दोपहर तीन बजे से साढ़े पांच बजे हाई वोल्टेज ड्रामा चला। बचत भवन के भीतर जहां समर्थकों ने भाजपा-कांग्रेस के पक्ष में नारेबाजी की वहीं बाहर माहौल तनावपूर्ण बना रहा। दोनों दलों के समर्थक एक-दूसरे को घूरते दिखे। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा। पुलिस अधीक्षक डीडब्ल्यू नेगी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भजन नेगी पुलिस कर्मियों को हर गतिविधि पर नजर रखने लिए के लिए चौकस करते दिखे।
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पार्षदों से नहीं मिल सके पति-पत्नी और बच्चे
शिमला। भाजपा के समर्थित पार्षदों को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से पार्टी नेता अज्ञात स्थान पर लेकर गए हैं। सोमवार को जब यह पार्षद शिमला पहुंचे तो कड़ा सुरक्षा घेरा होने के चलते इन्हें अपने पति-पत्नी और बच्चों से भी मिलने नहीं दिया गया। कुछ महिला पार्षदों के पति और बच्चे उपायुक्त दफ्तर के परिसर में जुटी भीड़ में अलग से मायूस होकर खड़े दिखे। वहीं पुरुष पार्षदों की पत्नियां भी पति से बात करने का मौका नहीं मिलने से निराश दिखीं।
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हर पार्षद के पीछे खड़े रहे पांच-पांच भाजपा समर्थक
शिमला। बचत भवन के भीतर भाजपा के हर समर्थित पार्षद के पीछे पांच-पांच भाजपा समर्थक खड़े रहे। समर्थकों के साये में आए पार्षदों को इधर-उधर तक देखने का मौका भी नहीं दिया गया। समर्थकों ने बचत भवन में आते और जाते समय भी पार्षदों के इर्द गिर्द घेरा बनाए रखा। किसी को भी पार्षदों के नजदीक नहीं जाने दिया।