मेडिकल कॉलेज से 180 आउटसोर्स कर्मचारी निकाले, विरोध पर वापस बुलाए
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पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में दो साल से काम कर रहे 180 आउटसोर्स कर्मचारियों अस्पताल प्रबंधन ने टर्मिनेशन लेटर थमा दिए। इससे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और उन्होंने टर्मिनेशन लेटर जला डाले। करीब एक घंटे तक कामकाज ठप रखा गया।
कर्मचारियों के विरोध को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें दोबारा काम पर बुला लिया है। करीब एक घंटे तक विरोध प्रदर्शन के बीच मरीजों को पर्चा बनवाने से लेकर फीस कटवाने तक समस्याएं पेश आईं।
जब आउटसोर्स कर्मी मेडिकल कॉलेज सहायक निदेशक से मिले तो सहायक निदेशक ने उन्हें ड्यूटी पर लौटने को कहा। साथ ही उनकी समस्या का समाधान निकालने का आश्वासन दिया। एक घंटे बाद जब आउटसोर्स कर्मचारी ड्यूटी पर लौटे तो मेडिकल कॉलेज में व्यवस्था सामान्य हुई।
हालांकि, चिकित्सा अधीक्षक ने आउटसोर्स कर्मचारियों के स्थान पर स्टाफ नर्सों, फार्मासिस्टों को अस्थायी तौर पर तैनात किया, लेकिन इससे दूसरे विभागों में व्यवस्था बिगड़ गई।
नौकरी से निकाला तो अस्पताल के बाहर करेंगे भूख हड़ताल : वर्मा
आउटसोर्स कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जीआर वर्मा ने आरोप लगाया कि कंपनी कर्मचारियों को यह कहकर टर्मिनेशन लेटर थमा रही है कि नए टेंडर में नई कंपनी आएगी। इसलिए कर्मचारियों की सेवाएं तब तक रहेंगी, जब तक उनकी कंपनी मेडिकल कॉलेज में काम कर रही है।
कहा कि मेडिकल कॉलेज और आउटसोर्स संबंधित कंपनी प्रबंधन उनका शोषण कर रहे हैं। उन्हें तीन माह से वेतन नहीं मिला। कंपनी कर्मचारियों का ईपीएफ भी डकार गई है। अब उन्हें टर्मिनेशन ऑर्डर जारी किए हैं। आउटसोर्स कर्मचारी संघ मांगों को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलेगा।
उसके बाद भी उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे भूख हड़ताल करेंगे। जीआर वर्मा ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया तो सभी कर्मचारी अस्पताल के बाहर भूख हड़ताल करेंगे। जिलाधीश को भी अवगत करवा दिया जाएगा।
आउटसोर्स कंपनी के लिए दोबारा टेंडर करवाया गया है। अब यह टेंडर किस कंपनी को जाता है, यह टेंडर खुलने के बाद ही पता चलेगा। फिलहाल, आउटसोर्स कर्मचारी काम पर लौट आए हैं।- राम प्रसाद, सहायक निदेशक, मेडिकल कॉलेज चंबा