रोजगार कार्यालयों से 1784 को सरकारी नौकरी, एक तिहाई इस जिले के
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जयराम सरकार के कार्यकाल में रोेजगार कार्यालयों के माध्यम से सबसे ज्यादा सरकारी नौकरियां मुख्यमंत्री के गृह जिले मंडी के लोगों को मिली हैं। पिछले एक साल में प्रदेश के कुल 1784 युवाओं को सरकारी नौकरी मिली। इनमें करीब एक तिहाई नियुक्तियां मंडी के लोगों की हुई हैं।
मंडी का आंकड़ा 564 है जबकि पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के गृह जिले बिलासपुर, लाहौल और किन्नौर जिले के लोगों को एक भी नौकरी नहीं मिली। तीनों जिलों का आंकड़ा शून्य है। कुल्लू में मात्र नौ, सोलन में 21, ऊना में 23 और चंबा जिले में 83 युवाओं को ही रोजगार मिला। हालांकि, रोजगार कार्यालयों के अलावा और भी कई माध्यमों से सरकार नौकरियां देती है।
प्रदेश के सभी रोजगार कार्यालयों के आधिकारिक आंकड़ों के अध्ययन में कई तथ्य सामने आए हैं। सूबे में कुल 8.66 लाख बेरोजगार पंजीकृत हैं। इनमें 4.88 लाख पुरुष, 3.77 लाख महिलाएं हैं। आंकड़ों के अनुसार 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2019 के बीच मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के मंडी जिले में कुल 853 लोगों को रोजगार मिले। इनमें 564 को सरकारी जबकि आधे से भी कम 289 को निजी क्षेत्र में रोजगार मिला।
सरकारी नौकरी पाने वालों में प्रदेश में दूसरे स्थान पर कांगड़ा जिला है। कांगड़ा में एक साल में 381 युवाओं को सरकारी विभागों में नौकरी मिली। तीसरे स्थान पर हमीरपुर में 337 को रोजगार मिला। वहीं, शिमला में 186, सिरमौर में 180 युवाओं को सरकार ने काम दिया। वहीं, सोलन में 21, ऊना में 23, चंबा में 83 और कुल्लू में महज 9 को सरकारी प्लेसमेंट हासिल हुआ है।
प्राइवेट जॉब पाने वालों में कांगड़ा सबसे आगे है। निजी क्षेत्र में 3021 लोगों को नौकरी मिली है। मंडी में 289, हमीरपुर में 386, ऊना में 564, सोलन में 329, सिरमौर में 166, शिमला में 78, बिलासपुर में 106, चंबा में 121 और कुल्लू में 172 को निजी क्षेत्र में प्लेसमेंट हासिल हुआ है। निजी क्षेत्र में प्लेसमेंट के मामले में भी किन्नौर और लाहौल स्पीति शून्य रहा है।
8.66 में दो लाख से ज्यादा एससी बेरोजगार
श्रम एवं रोजगार विभाग के आंकड़ों के अनुसार रोजगार कार्यालय के लाइव रजिस्टर में कुल 8.66 लोगों में दो लाख से ज्यादा एससी जाति के लोग बतौर बेरोजगार दर्ज हैं। वहीं 49,340 एसटी, 1.07 लाख ओबीसी और 4.98 लाख अन्य जाति के बेरोजगार पंजीकृत हैं। खास बात यह है कि इनमें 1.35 लाख स्नातक बेरोजगार जबकि 6.5 लाख अंडर ग्रेजुएट हैं।