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कूड़ा फीस वसूली में घपला नहीं कर पाएंगे सुपरवाइजर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 04 Aug 2018 12:46 PM IST
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शहरवासियों से ली जाने वाली कूड़े की फीस में अब सैहब सोसायटी के सुपरवाइजर घपला नहीं कर पाएंगे। हर उपभोक्ता से ली जाने वाली फीस की पॉस मशीन से रसीद काटना अनिवार्य कर दी है। नगर निगम ने शहर के तीन वार्डों में मशीनों के जरिये फीस वसूली शुरू कर दी है।
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महापौर कुसुम सदरेट ने शुक्रवार को ताराहॉल स्कूल के पॉस मशीन से शुल्क वसूली की शुरुआत की। पहलेे चरण में कैथू, लोअर बाजार और नाभा में इस मशीन से वसूली की जाएगी। महापौर कुसुम सदरेट ने कहा कि निगम के पास फीस वसूली में हेराफेरी की शिकायतें आ रही थीं।
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जांच में कई सुपरवाइजरों की मनमानी पकड़ी भी गई। इसके बाद निगम ने मशीनों के जरिये शुल्क लेने का फैसला लिया है। इन मशीनों से हेराफेरी नहीं हो पाएगी। महापौर ने कहा कि अगले एक माह के भीतर शहर के सभी वार्डों में इन मशीनों के जरिये शुल्क वसूली की जाएगी। इस मौके पर कैथू वार्ड के पार्षद सुनील धर, एसमी के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एचआर ठाकुर, प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर डॉ. डीपी सिंह, सफाई निरीक्षक और सैहब सोसायटी के तीनों वार्डों के सुपरवाइजर मौजूद रहे।
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यह है मशीन की खासियत
मशीनों में पहले से ही हर उपभोक्ता का रिकॉर्ड दर्ज होगा। बाकायदा हर उपभोक्ता का अलग आईडी नंबर बनाया गया है। यही नहीं जिन तीन वार्डों में इसे शुरू किया है, वहां सर्वे कर उपभोक्ताओं का रिकॉर्ड लिया है। मशीन का फायदा यह होगा कि सुपरवाइजर फर्जी रसीदें तैयार नहीं कर पाएंगे। वार्ड में कितने उपभोक्ता हैं और कितनों ने शुल्क नहीं चुकाया है, इसका निगम के पास पुख्ता रिकॉर्ड रहेगा।