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एसएफआई ने एचपीयू की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
Updated Wed, 22 Nov 2017 10:22 PM IST
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शमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की एचपीयू कैंपस और विवि से संबद्ध कॉलेजों में होने वाली प्रवेश की प्रक्रिया पर एसएफआई ने सवाल उठाए हैं। एसएफआई के प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कायथ ने आरोप लगाया है कि 2016 में एमसीए में प्रवेश के लिए हुई प्रक्रिया में एचपीयू की डीएस ने एक संबद्ध निजी कॉलेज में खाली रही बारह सीटों को भरने के लिए निजी कॉलेजों को अपने स्तर पर प्रवेश परीक्षा करवाने की छूट दी है। इसके लिए बाकायदा अधिसूचना जारी की गई, जबकि इस कॉलेज की बीस सटों को विवि की ओर से आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा की मेरिट के आधार पर भरा गया। कायथ का आरोप है इस तरह की अधिसूचना जारी करना सीधे तौर पर नियमों के खिलाफ था। उन्होंने कहा कि पूर्व कुलपति के कार्यकाल में इसी तरह से कई तरह के प्रवेश में गोलमाल हुए हैं। इन सब की जांच होनी चाहिए। कायथ ने कहा कि वह एमसीए में निजी कॉलेज द्वारा अपने स्तर पर बिना प्रवेश परीक्षा के दिए गए प्रवेश के मामले की जांच को लेकर एसएफआई राज्यपाल को पत्र लिखेगी और इस पूरे मामले की जांच की मांग करेगी। इस मामले में जिस भी स्तर पर खामी या गोलमाल रहा है, उसकी जांच की जाए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो। कायथ ने कहा कि 21 जुलाई 2016 को इस संदर्भ में अधिष्ठाता अध्ययन कार्यालय की ओर से अधिसूचना जारी की गई थी, जिसमें कॉलेज को अपने स्तर पर प्रवेश परीक्षा करवाकर सीटें भरे जाने की छूट दी गई थी।
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