हिमाचल में आपदा राहत के लिए केंद्रीय बजट बढ़ाने पर विचार : एनके सिंह
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हिमाचल में आपदा राहत के लिए बढ़ाया जा सकता है। हिमाचल में आपदाओं से होने वाले नुकसान पर अध्ययन के लिए एक केंद्रीय टीम हिमाचल आएगी और एक गंभीर अध्ययन करेगी। इसके बाद वित्तायोग को अपनी रिपोर्ट देगी।
यह जानकारी 15वें वित्तायोग के अध्यक्ष एनके सिंह ने बुधवार को पीटरहॉफ शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान दी। एनके सिंह ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से यह मामला उनके समक्ष रखा गया है। उन्होंने वित्तायोग के सदस्यों समेत विभिन्न स्तर पर चर्चा की है।
सिंह ने इस बात को माना कि हिमाचल के लिए आपदा राहत को केंद्रीय मदद बढ़ाए जाने की जरूरत आयोग को भी महसूस हुई है। हिमाचल प्राकृतिक आपदाओं के लिए संवेदनशील राज्य है। इसमें कोई दो राय नहीं है। पिछले दिनों भी राज्य में बारिश से भारी तबाही हुई है।
देश भर में बदल सकता है पंचायतों को फंड का तरीका
हिमाचल समेत देश के तमाम राज्यों में पंचायतों का फंड का तरीका बदल सकता है। यह जानकारी 15वें वित्तायोग के अध्यक्ष एनके सिंह ने दी है। ‘अमर उजाला’ के सवाल पर सिंह ने कहा कि यह मांग मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की ओर से भी उठाई गई है। इस पर पंचायत प्रतिनिधियों से चर्चा हुई है।
यह मामला केवल हिमाचल में ही नहीं उठा है। हिमाचल दसवां राज्य है, जहां हम आए हैं। इससे पहले हम जिन नौ राज्यों में गए, उनमें भी यह मसला हमारे सामने उठाया गया है। पंचायतों की त्रिस्तरीय प्रणाली ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों के लिए बजट देने की मांग उठी है।
त्रिस्तरीय प्रणाली के बारे में सोचना हमारा सांविधानिक दायित्व है। बजट के आनुपातिक आवंटन के मुद्दे पर विचार होगा। 14वें वित्तायोग की सिफारिशों के बाद केंद्र से आया सारा पैसा ग्राम पंचायतों को भेजा जाता है। जिला परिषदों और पंचायत समितियों को कोई बजट नहीं दिया जाता। इनका वित्तपोषण राज्य सरकारें ही करती हैं। इससे पहले आनुपातिक बंटवारा होता था।