घर में 24 साल बाद एक साथ गूंजी तीन बच्चों की किलकारी, दो स्वस्थ एक की मौत
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मां का सूना आंचल 24 साल बाद एक साथ तीन बच्चों की किलकारियों से भर गया। मां और दो नवजात स्वस्थ हैं, जबकि एक बच्ची की मौत हो गई।
परिवार में खुशी का माहौल है। 24 साल तक एक बच्चे की आस में यह मां हर जगह इलाज करवाकर थक चुकी थी। इसके बाद लुधियाना में इलाज करवाया। अब गोद भरी तो एक नहीं तीन बच्चे पैदा हुए।
कमला नेहरू अस्पताल में 42 साल की जयावंती ने तीन बच्चों को जन्म दिया है। तीन बच्चों के एक साथ जन्म के बाद परिवार में खुशी का माहौल बना रहा। डॉक्टरों ने महिला के प्रसव के बाद बच्चों को वेंटिलेटर पर रखा है। महिला को वार्ड में भर्ती किया है। जच्चा और बच्चे की हालत स्थिर बताई जा रही है। नवजातों में दो बेटे स्वस्थ हैं, जबकि वीरवार देर शाम बेटी की मौत हो गई।
गांव धार पोस्ट ऑफिस छतरी तहसील थुनाग (मंडी) की रहने वाली जयावंती के पति पदमानंद ने बताया कि तीन बच्चों के पैदा होने के बाद परिवार के सदस्यों की संख्या छह हो गई है। लेकिन देर शाम बिटिया की मौत हो गई। वह घर पर पत्नी और मां के साथ रहते हैं। लेकिन मलाल था कि घर में बच्चे नहीं है। बच्चे की चाह में कई जगह इलाज करवाया लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसके बाद लुधियाना में उपचार करवाया।
उपचार के बाद जब कमला नेहरू अस्पताल आए तो डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड कर जांच की, इसमें पता चला कि पेट में तीन नवजात पल रहे हैं। परमानंद ने बताया कि गायनी के विभाग अध्यक्ष डॉ. बिशन धीमान ने महिला को 28 मार्च को अस्पताल में दाखिल करवा दिया था।
लगभग तीन महीने अस्पताल में रहने के बाद महिला ने मंगलवार को तीन बच्चों को जन्म दिया। पद्मानंद ने बताया कि एक बेटे का वजन 1.520 ग्राम व दूसरे का भार 1.380 किलोग्राम है। हालांकि बेटी की मौत हो गई।