{"_id":"5d13abac8ebc3e3cf975f438","slug":"15615702019-shimla-news125","type":"story","status":"publish","title_hn":"7 कंपनियों के पास फंसे हैं बागवानों के 40.83 लाख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
7 कंपनियों के पास फंसे हैं बागवानों के 40.83 लाख
Thu, 27 Jun 2019 11:26 AM IST
शिमला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 27 Jun 2019 11:26 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसान संघर्ष समिति ने एसआईटी को सात कंपनियों के खिलाफ शिकायत दी है। समिति के सचिव संजय चौहान का दावा है कि 11 बागवानों को 40 लाख 83 हजार 422 रुपये की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया है। गुम्मा, जुब्बल, रोहड़ूू, पराला और दो परमाणु की कंपनियों द्वारा भुगतान न किए जाने के बाद अब दोबारा शिकायत की गई हैं। संजय चौहान का कहना है कि बागवान बकाया राशि के भुगतान के लिए बार-बार चक्कर काट रहे है, लेकिन पैसा नहीं दिया जा रहा है।
विज्ञापन
किसान संघर्ष समिति ने कहा कि एपीएमसी की लचर कार्यप्रणाली इसके लिए जिम्मेवार है। अगर एपीएमसी 2005 के अधिनियमों को सख्ती से लागू करती है तो बागवानों को आढ़ती और कंपनियां माल बिकते ही भुगतान कर देंगी। किसान संघर्ष समिति ने सरकार से मांग की है कि सभी आढ़तियों को लाइसेंस जारी करने से पहले बैंक गारंटी लेने की शर्त प्रभावी तरीके से लागू की जाए।
विज्ञापन