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शहर के अनसेफ भवनों पर इसी माह फैसला लेगा नगर निगम
Sun, 23 Jun 2019 12:00 PM IST
शिमला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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Published by: शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 23 Jun 2019 12:00 PM IST
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शहर में जर्जर भवनों को अनसेफ घोषित करने के आवेदनों पर नगर निगम इसी महीने फैसला लेगा। 27 और 28 जून को संयुक्त आयुक्त की अगुवाई वाली निगम की टीम इन भवनों का निरीक्षण करेगी।
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इस दौरान जो भवन खतरनाक पाए जाएंगे उन्हें अनसेफ घोषित कर दिया जाएगा। निगम प्रशासन के अनुसार कुल 14 भवनों के आवेदन निगम को मिले हैं। इनकी फाइलें सालों से नगर निगम के कार्यालय में धूल फांक रही हैं। कुछ लोगों ने संयुक्त आयुक्त अनिल शर्मा को इसकी शिकायत कर दी। कहा कि उनकी फाइलों पर फैसला नहीं लिया जा रहा। जर्जर भवनों में वह न तो रह पा रहे हैं और न ही इन्हें गिरा पा रहे हैं। इनसे आसपास के भवनों को भी खतरा पैदा हो गया है।
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संयुक्त आयुक्त ने एपी शाखा से रिकॉर्ड तलब किया। पता चला कि कुल 14 भवनों को अनसेफ घोषित करने को लेकर आवेदन आए हैं। संयुक्त आयुक्त
अनिल शर्मा ने कहा कि इसी महीने इन फाइलों को निपटाया जाएगा ताकि लोगों को नगर निगम कार्यालय के चक्कर न काटने पड़े।
शहर में तीन सौ से ज्यादा खतरनाक भवन
शहर में इस समय तीन सौ से ज्यादा जर्जर भवन हैं। इनमें रहना खतरे से खाली नहीं। यह कभी भी धराशायी हो सकते हैं। हालांकि, निगम रिकॉर्ड के अनुसार इनमें अनसेफ भवनों का आंकड़ा करीब 40 है।
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बाकी जर्जर भवनों को मकान मालिक और किराएदार के विवाद के चलते अभी अनसेफ घोषित नहीं किया जा सका है। लोअर बाजार, रामबाजार, गंज, सब्जी मंडी, लक्कड़ बाजार आदि इलाकों में स्थित यह बहुमंजिला इमारतें आसपास के भवनों पर भी खतरा बनकर मंडरा रही हैं। भूकंप की स्थिति में इनसे भारी तबाही मच सकती है।