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दो पार्षदों में विवाद, 40 लाख के प्रोजेक्ट का काम रोका
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के पहले रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट के निर्माण को लेकर दो पार्षदों में तनातनी हो गई है। नगर निगम की दो महिला पार्षदों में विवाद होने के बाद फिलहाल 40 लाख का यह प्रोजेक्ट रोक दिया है।
जाखू पार्षद अर्चना धवन ने अपने वार्ड में बन रहे इस प्रोजेक्ट पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्षद का आरोप है बैनमोर पार्षद ने एक तो बिना पूछे उनके वार्ड में इतना बड़ा प्रोजेक्ट शुरू करवा दिया। दूसरा सरकार से इसके लिए पुरस्कार भी ले लिया। इस प्रोजेक्ट के तहत बरसात में मंदिर परिसर का सारा पानी एक टैंक में स्टोर किया जाना है ताकि इसे आग बुझाने या दूसरे जरूरी कामों में इस्तेमाल किया जा सके। पांच जून को शिमला में हुए राज्य स्तरीय समारोह के दौरान सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए बैनमोर वार्ड की भाजपा पार्षद किमी सूद को सम्मानित किया था। इसी दिन से नगर निगम में घमासान मचा हुआ है। जाखू पार्षद अर्चना धवन ने कहा कि भाजपा पार्षद उनके वार्ड में बन रहे किसी प्रोजेक्ट के लिए अवार्ड कैसे ले सकती हैं? दोनों पार्षदों ने कुछ दिन पहले इस मुद्दे पर नगर निगम में बैठक की और मामला सुलझाने का दावा भी किया था।
भूमि पूजन में नहीं बुलाई पार्षद
बातचीत के बाद मामला लगभग सुलझ गया था लेकिन फिर इसी दिन शाम को भूमि पूजन को लेकर विवाद हो गया। पार्षद अर्चना धवन ने कहा कि भाजपा पार्षद ने चुपचाप उनके वार्ड में इस प्रोजेक्ट के लिए भूमि पूजन भी करवा दिया जबकि उन्हें सूचना तक नहीं दी। भाजपा पार्षद जबरदस्ती उनके वार्ड में हस्तक्षेप कर रही हैं और वार्ड के प्रोजेक्टों का श्रेय ले रही हैं। दोनों पार्षदों के विवाद में बाकी पार्षद भी दो गुटों में बंट गए हैं। कांग्रेस और भाजपा के कई पार्षद वीरवार को अर्चना धवन के साथ मौके पर भी पहुंचे।
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प्रोजेक्ट के लिए कई साल की है भागदौड़ : सूद
भाजपा पार्षद किमी सूद ने कहा कि यह प्रोजेक्ट साल 2016 का है। उनके वार्ड के पूर्व पार्षद ने यह प्रोजेक्ट तैयार किया था। पैसा लैप्स न हो, इसके लिए उन्होंने खुद विभागों में भागदौड़ कर क्लीयरेंस ली। मंदिर कमेटी को तैयार किया। निगम के अधिकारी भी यह जानते हैं कि किसने प्रोजेक्ट के लिए मेहनत की है। कहा कि जाखू पार्षद को इस प्रोजेक्ट के बारे में एक साल पहले बता चुकी हूं। मार्च में इसके आनलाइन टेंडर हुए हैं। मैंने कोई बात नहीं छिपाई है। इस प्रोजेक्ट से जनता को फायदा होगा। मुझे यहां अपनी पट्टिका नहीं लगवानी है। यदि स्थानीय पार्षद नहीं चाहती तो इसे शिफ्ट किया जाएगा।
यह प्रस्ताव बैनमोर के पूर्व पार्षद अनूप वैद्य ने 2016 में तैयार किया था। अम्रुत के तहत इसका निर्माण किया जाना है। 19 को एमडी शिमला पहुंचेंगे, उसके बाद ही इस प्रोजेक्ट पर फैसला लिया जाएगा।
-विजय गुप्ता, एजीएम, पेयजल कंपनी
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शिमला। शहर के पहले रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट के निर्माण को लेकर दो पार्षदों में तनातनी हो गई है। नगर निगम की दो महिला पार्षदों में विवाद होने के बाद फिलहाल 40 लाख का यह प्रोजेक्ट रोक दिया है।
जाखू पार्षद अर्चना धवन ने अपने वार्ड में बन रहे इस प्रोजेक्ट पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्षद का आरोप है बैनमोर पार्षद ने एक तो बिना पूछे उनके वार्ड में इतना बड़ा प्रोजेक्ट शुरू करवा दिया। दूसरा सरकार से इसके लिए पुरस्कार भी ले लिया। इस प्रोजेक्ट के तहत बरसात में मंदिर परिसर का सारा पानी एक टैंक में स्टोर किया जाना है ताकि इसे आग बुझाने या दूसरे जरूरी कामों में इस्तेमाल किया जा सके। पांच जून को शिमला में हुए राज्य स्तरीय समारोह के दौरान सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए बैनमोर वार्ड की भाजपा पार्षद किमी सूद को सम्मानित किया था। इसी दिन से नगर निगम में घमासान मचा हुआ है। जाखू पार्षद अर्चना धवन ने कहा कि भाजपा पार्षद उनके वार्ड में बन रहे किसी प्रोजेक्ट के लिए अवार्ड कैसे ले सकती हैं? दोनों पार्षदों ने कुछ दिन पहले इस मुद्दे पर नगर निगम में बैठक की और मामला सुलझाने का दावा भी किया था।
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भूमि पूजन में नहीं बुलाई पार्षद
बातचीत के बाद मामला लगभग सुलझ गया था लेकिन फिर इसी दिन शाम को भूमि पूजन को लेकर विवाद हो गया। पार्षद अर्चना धवन ने कहा कि भाजपा पार्षद ने चुपचाप उनके वार्ड में इस प्रोजेक्ट के लिए भूमि पूजन भी करवा दिया जबकि उन्हें सूचना तक नहीं दी। भाजपा पार्षद जबरदस्ती उनके वार्ड में हस्तक्षेप कर रही हैं और वार्ड के प्रोजेक्टों का श्रेय ले रही हैं। दोनों पार्षदों के विवाद में बाकी पार्षद भी दो गुटों में बंट गए हैं। कांग्रेस और भाजपा के कई पार्षद वीरवार को अर्चना धवन के साथ मौके पर भी पहुंचे।
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प्रोजेक्ट के लिए कई साल की है भागदौड़ : सूद
भाजपा पार्षद किमी सूद ने कहा कि यह प्रोजेक्ट साल 2016 का है। उनके वार्ड के पूर्व पार्षद ने यह प्रोजेक्ट तैयार किया था। पैसा लैप्स न हो, इसके लिए उन्होंने खुद विभागों में भागदौड़ कर क्लीयरेंस ली। मंदिर कमेटी को तैयार किया। निगम के अधिकारी भी यह जानते हैं कि किसने प्रोजेक्ट के लिए मेहनत की है। कहा कि जाखू पार्षद को इस प्रोजेक्ट के बारे में एक साल पहले बता चुकी हूं। मार्च में इसके आनलाइन टेंडर हुए हैं। मैंने कोई बात नहीं छिपाई है। इस प्रोजेक्ट से जनता को फायदा होगा। मुझे यहां अपनी पट्टिका नहीं लगवानी है। यदि स्थानीय पार्षद नहीं चाहती तो इसे शिफ्ट किया जाएगा।
यह प्रस्ताव बैनमोर के पूर्व पार्षद अनूप वैद्य ने 2016 में तैयार किया था। अम्रुत के तहत इसका निर्माण किया जाना है। 19 को एमडी शिमला पहुंचेंगे, उसके बाद ही इस प्रोजेक्ट पर फैसला लिया जाएगा।
-विजय गुप्ता, एजीएम, पेयजल कंपनी