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आईजीएमसी के पुराने भवन में एक्सरे मशीन खराब, सैकड़ों मरीज हुए परेशान
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज के पुराने भवन में लगी एक्सरे मशीन खराब हो गई है। मशीन खराब होने से बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। आर्थों के मरीजों को लिफ्ट खाली होने का इंतजार करना पड़ा। बच्चे और महिलाएं पैदल सीढ़ियां चढ़कर बी ब्लॉक स्थित इमरजेंसी में स्थापित एक्सरे मशीन में टेस्ट करवाने पहुंची।
आईजीएमसी में एक्सरे मशीन के अचानक बंद होेने से यहां दिनभर अव्यवस्था का माहौल रहा। मशीन में एक्सपोजर बनना बंद हो गया था। वीरवार को खराब मशीन को प्रबंधन शुक्रवार को भी दुरुस्त नहीं करवा पाया। लिहाजा सुबह से लेकर शाम तक इमरजेंसी एक्सरे के बाहर मरीजों की भीड़ लगी रहीं। इस कारण इमरजेंसी से आवाजाही करने वाले लोगों को पैदल चलना तक मुश्किल हो गया। दो सौ से अधिक मरीजों के टेस्ट शाम तक किए गए। मेडिसन, आर्थो और श्वास रोग के मरीजों के अतिरिक्त भार के चलते इमरजेंसी में आए मरीजों को अपनी बारी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। रोहन, शंकर और दिव्या ने कहा कि प्रबंधन मशीन को दुरुस्त नहीं करवा पाया है। इस कारण उन्हें इमरजेंसी में धक्के खाने पड़ रहे हैं।
मशीन के खराब होने के बाद शुक्रवार को चंडीगढ़ से इंजीनियर बुलाए गए। लेकिन शाम छह बजे तक मशीन दुरुस्त नहीं हो पाई थी। इस कारण मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। आईजीएमसी के डॉक्टर राहुल गुप्ता ने बताया कि मशीन खराब पड़ी है। इसे दुरुस्त किया जा रहा है।
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चार हजार से अधिक होती है ओपीडी
आईजीएमसी में मेडिसन, आर्थो, सर्जरी, नेत्ररोग और ईएनटी में मरीज जांच के लिए आते हैं। इन दिनों करीब चार हजार से अधिक की ओपीडी हो रही है। ऐसे में लोगों को पैदल चलना तक मुश्किल हो गया। लोगों ने मांग की कि न्यू ओपीडी ब्लॉक को जल्द तैयार किया जाए जिससे कि अस्पताल में आ रही इस समस्या का हल किया जा सके।
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शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज के पुराने भवन में लगी एक्सरे मशीन खराब हो गई है। मशीन खराब होने से बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। आर्थों के मरीजों को लिफ्ट खाली होने का इंतजार करना पड़ा। बच्चे और महिलाएं पैदल सीढ़ियां चढ़कर बी ब्लॉक स्थित इमरजेंसी में स्थापित एक्सरे मशीन में टेस्ट करवाने पहुंची।
आईजीएमसी में एक्सरे मशीन के अचानक बंद होेने से यहां दिनभर अव्यवस्था का माहौल रहा। मशीन में एक्सपोजर बनना बंद हो गया था। वीरवार को खराब मशीन को प्रबंधन शुक्रवार को भी दुरुस्त नहीं करवा पाया। लिहाजा सुबह से लेकर शाम तक इमरजेंसी एक्सरे के बाहर मरीजों की भीड़ लगी रहीं। इस कारण इमरजेंसी से आवाजाही करने वाले लोगों को पैदल चलना तक मुश्किल हो गया। दो सौ से अधिक मरीजों के टेस्ट शाम तक किए गए। मेडिसन, आर्थो और श्वास रोग के मरीजों के अतिरिक्त भार के चलते इमरजेंसी में आए मरीजों को अपनी बारी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। रोहन, शंकर और दिव्या ने कहा कि प्रबंधन मशीन को दुरुस्त नहीं करवा पाया है। इस कारण उन्हें इमरजेंसी में धक्के खाने पड़ रहे हैं।
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मशीन के खराब होने के बाद शुक्रवार को चंडीगढ़ से इंजीनियर बुलाए गए। लेकिन शाम छह बजे तक मशीन दुरुस्त नहीं हो पाई थी। इस कारण मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। आईजीएमसी के डॉक्टर राहुल गुप्ता ने बताया कि मशीन खराब पड़ी है। इसे दुरुस्त किया जा रहा है।
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चार हजार से अधिक होती है ओपीडी
आईजीएमसी में मेडिसन, आर्थो, सर्जरी, नेत्ररोग और ईएनटी में मरीज जांच के लिए आते हैं। इन दिनों करीब चार हजार से अधिक की ओपीडी हो रही है। ऐसे में लोगों को पैदल चलना तक मुश्किल हो गया। लोगों ने मांग की कि न्यू ओपीडी ब्लॉक को जल्द तैयार किया जाए जिससे कि अस्पताल में आ रही इस समस्या का हल किया जा सके।