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ढाई करोड़ से बने आजीविका भवन की निर्माण गुणवत्ता जांचने के आदेश
Sat, 01 Jun 2019 12:14 PM IST
शिमला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Jun 2019 12:14 PM IST
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शहर की तिब्बती मार्केट को बसाने के लिए बनाए जा रहे आजीविका भवन के निर्माणकार्य को जांचने के आदेश जारी हो गए हैं। ढाई करोड़ के इस प्रोजेक्ट के निर्माण में पहले देरी को लेकर सवाल भी खड़े हो चुके हैं। अब सरकार के गुणवत्ता नियंत्रण दल ने आजीविका भवन की निर्माण सामग्री को लेकर नगर निगम से रिपोर्ट मांगी है। एमसी से पूछा है कि क्या भवन निर्माण में इस्तेमाल की सामग्री लैब से टेस्ट की है।
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यदि टेस्ट की है तो क्या मौके पर इसी अनुसार निर्माण हो रहा है या नहीं। इसकी पूरी रिपोर्ट देने को कहा है। नगर निगम ने हरकत में आते हुए संयुक्त आयुक्त अनिल शर्मा की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी बना दी है। कमेटी को दो दिन के भीतर निर्माण के टेस्ट और इसकी जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है। इसके अलावा चक्कर सड़क की निर्माण सामग्री का सैंपल भी चेक किया जा रहा है। सरकार के गुणवत्ता नियंत्रण दल ने हाल ही में हुए निरीक्षण के बाद इन दोनों की गुणवत्ता जांचने का फैसला लिया है।
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13 से 15 जून तक चलेगी जांच
अतिरिक्त प्रधान सचिव मुख्यमंत्री एवं गुणवत्ता नियंत्रण दल के अध्यक्ष संजय कुंडू की अगुवाई में 13 जून से इस भवन के निर्माण की जांच की जानी है। कुंडू का कहना है कि नगर निगम शिमला में चल रहे निर्माण कार्य, जिसमें प्रथम दृष्टया में खामी नजर आ रही थी उसकी गहन गुणवत्ता जांच 13 से 15 जून तक की जाएगी। संजय कुंडू ने कहा कि कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
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कचरे में दबे गरीबों के आवास, इसकी भी हो जांच
आजीविका भवन में 222 दुकानें बनाने की योजना है। कैग रिपोर्ट के अनुसार यह प्रोजेक्ट जून 2015 में पूरा होना था। लेकिन देरी के चलते इसकी 1.25 करोड़ की दूसरी किस्त लैप्स हो गई है। निगम चैलेंज फंड और लाभार्थियों से मिले पैसों से इसका काम करवा रहा है। इसके अलावा शहरी गरीबों को बसाने के लिए बनाए जाने वाले आशियाना प्रोजेक्ट कृष्णानगर के नाले में कचरे में दबे पड़े हैं। इनका काम आगे नहीं बढ़ रहा। गरीब परिवार इनके बनने का इंतजार कर रहे हैं। उधर, सरकार का गुणवत्ता नियंत्रण दल यदि इसकी सुध भी ले तो शहर के सैकड़ों गरीब परिवारों को जल्द आशियाना मिलने की उम्मीद बंध जाएगी।